Saharanpur Exam Center Scam: उत्तर प्रदेश में नकल विहीन और पारदर्शी परीक्षा कराने के तमाम सख्त दावों के बीच जालसाजों ने सुरक्षा व्यवस्था को एक बड़ी चुनौती दे डाली है. हाल ही में आयोजित हुई यूपी पुलिस कांस्टेबल भर्ती परीक्षा के दौरान सहारनपुर से एक ऐसा अनोखा और हैरान कर देने वाला मामला सामने आया है, जिसने पुलिस और जांच एजेंसियों के होश उड़ा दिए हैं. यहां बायोमेट्रिक जांच के दौरान एक ही अभ्यर्थी के दो अलग-अलग पहचान पत्रों का खुलासा हुआ है.
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सहारनपुर के परीक्षा केंद्र पर ऐसे गहराया शक
यह पूरा मामला सहारनपुर के गुरु नानक गर्ल्स इंटर कॉलेज परीक्षा केंद्र का है, जहां 8 से 10 जून तक प्रदेश भर में पुलिस भर्ती परीक्षा आयोजित की जा रही थी. इस परीक्षा में राज्य के लगभग 21 लाख से ज्यादा अभ्यर्थियों ने हिस्सा लिया. परीक्षा के दौरान जब अभ्यर्थियों का आधार वेरिफिकेशन (Aadhar Verification) किया जा रहा था, तब वहां तैनात टीम को एक अभ्यर्थी की पहचान बेहद संदिग्ध लगी. टीम ने बिना देरी किए तुरंत मौके पर पुलिस और संबंधित सुरक्षा एजेंसियों को इसकी सूचना दी.
बायोमेट्रिक जांच ने खोला जालसाजी का राज
जैसे ही पुलिस और जांच एजेंसियां परीक्षा केंद्र पर पहुंचीं, उन्होंने मुस्तैदी दिखाई. परीक्षा खत्म होने के तुरंत बाद संदिग्ध अभ्यर्थी को रोककर उसका दोबारा से बायोमेट्रिक और आधार सत्यापन कराया गया. जब कंप्यूटर स्क्रीन पर बायोमेट्रिक डेटा का रिजल्ट सामने आया, तो वहां मौजूद हर अधिकारी दंग रह गया. जांच में साफ हुआ कि उस अकेले अभ्यर्थी के उंगलियों के निशान (Biometric Data) से दो अलग-अलग आधार कार्ड लिंक थे. यानी सिस्टम में व्यक्ति एक था, लेकिन उसकी पहचान दो अलग-अलग नामों से दर्ज थी.
मुकेश और प्रथमेश: दो नाम और अलग-अलग उम्र का खेल
जांच में इस फर्जीवाड़े की जो परतें खुलीं, वो बेहद चौंकाने वाली थीं. आरोपी के बायोमेट्रिक से जो दो अलग-अलग आधार कार्ड मैच हुए, उनमें न सिर्फ नाम और पते अलग थे, बल्कि उम्र का भी बड़ा हेरफेर था. पहली पहचान मुकेश कुमार पुत्र सत्यपाल (निवासी: बागपत) के रूप में सामने आई, जिसमें जन्मतिथि 15 जुलाई 1997 दर्ज थी. वहीं, दूसरी पहचान प्रथमेश पुत्र सुनील टिकले के नाम से दिखी, जिसमें जन्मतिथि 5 अक्टूबर 2002 दर्ज थी. एक ही शख्स दो अलग-अलग जन्मतिथि और नाम के साथ सिस्टम को चकमा देने की कोशिश कर रहा था.
आरोपी गिरफ्तार, पुलिस खंगाल रही है पूरा नेटवर्क
इस बड़े फर्जीवाड़े का भंडाफोड़ होते ही पुलिस ने आरोपी को तुरंत हिरासत में ले लिया. पुलिस ने आरोपी के कब्जे से फर्जी आधार कार्ड, परीक्षा का प्रवेश पत्र (Admit Card) और पैन कार्ड भी बरामद किया है. मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस ने प्रेस नोट जारी कर पूरी कार्रवाई की आधिकारिक जानकारी दी है. आरोपी के खिलाफ संबंधित धाराओं में मुकदमा दर्ज कर उसे कोर्ट में पेश किया गया, जहां से उसे जेल भेज दिया गया है. फिलहाल, पुलिस इस बात का पता लगाने में जुटी है कि इस जालसाजी के पीछे कोई बड़ा सॉल्वर गैंग या पूरा नेटवर्क तो काम नहीं कर रहा था.
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