लखनऊ का मानवेंद्र सिंह हत्याकांड हर बीतते दिन के साथ और भी खौफनाक होता जा रहा है. अपने ही पिता की हत्या कर उनके शव के टुकड़े करने वाले आरोपी अक्षत को जब कोर्ट ले जाया गया तो मीडिया ने उससे कई तीखे सवाल किए. सबसे बड़ा सवाल यह था कि क्या इस जघन्य अपराध में उसकी बहन भी शामिल थी? क्या उसने डर के मारे चुप्पी साधी थी या वह भी इस साजिश का हिस्सा थी? पहली बार कैमरे के सामने आए अक्षत ने इन सवालों पर अपनी चुप्पी तोड़ी है.
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बहन की भूमिका पर अक्षत का जवाब
जब यूपी तक ने अक्षत से पूछा कि क्या इस हत्याकांड में उसकी बहन भी शामिल है तो अक्षत ने साफ तौर पर 'ना' में सिर हिलाया. उसने इशारों में स्पष्ट किया कि उसकी बहन का इस अपराध से कोई लेना-देना नहीं है. हालांकि, जांच में यह सामने आया है कि वारदात के वक्त उसकी बहन कृति कमरे में मौजूद थी और उसने पिता को तड़पते हुए देखा था.फिर भी वह कई दिनों तक चुप रही. हैरानी की बात यह है कि पिता की हत्या के बाद भी कृति बिल्कुल सामान्य दिख रही थी.पड़ोसियों के मुताबिक, वह रोज की तरह उनके घर पढ़ने आती, खाना खाती और वापस चली जाती. उसने अपनी सबसे पक्की सहेली तक को इस बात की भनक नहीं लगने दी कि उसके घर में पिता की लाश के टुकड़े रखे हुए हैं. पुलिस अब भी यह समझने की कोशिश कर रही है कि यह चुप्पी केवल गहरे सदमे के कारण थी या किसी भारी दबाव के चलते.
गलती से हो गया...- अक्षत का बयान
मीडिया के कैमरों के सामने ले जाते वक्त जब अक्षत से हत्या की वजह पूछी गई तो उसने बस इतना कहा कि "गलती से हो गया. हालांकि, जिस तरह से उसने पिता की लाइसेंसी राइफल से गोली मारी और फिर आरी से शव के टुकड़े कर उन्हें 21 किलोमीटर दूर ठिकाने लगाया. वह किसी 'गलती' से कहीं ज्यादा एक सोची-समझी साजिश की ओर इशारा करता है. पुलिस ने अक्षत की निशानदेही पर हत्या में इस्तेमाल की गई आरी, राइफल और अन्य सामान बरामद कर लिया है.अदालत ने उसे 14 दिन की न्यायिक हिरासत में जेल भेज दिया है. आरोपी ने कबूल किया कि पिता के गायब होने का नाटक करने के लिए उसने खुद गुमशुदगी की रिपोर्ट भी दर्ज कराई थी.
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