दिव्या मांग रही थी मानस से एलिमनी? बहन प्रज्ञा मिश्रा ने बताया पूरा सच, सामने आई नई कहानी

यूपी तक

23 Aug 2026 (अपडेटेड: 23 Aug 2026, 12:30 PM)

Divya Mishra Murder Case: दिव्या मिश्रा हत्याकांड में नया मोड़ सामने आया है. दिव्या पर करोड़ों रुपए की एलिमनी मांगने के आरोप लगाए जा रहे है. बहन प्रज्ञा मिश्रा ने एलिमनी मांगने के आरोपों को गलत बताया है. उन्होंने बताया दिव्या एलिमनी नहीं शादी में मिला स्त्रीधन मांग रही थी.

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Divya Mishra Murder Case: पत्रकार प्रज्ञा मिश्रा की बहन दिव्या मिश्रा की मौत बीते गुरूवार को हो चुकी है. दिव्या के पति मानस ने बैंक के बाहर गोली मारकर उसकी हत्या की थी. अब इस मामले में एक और नया मोड़ सामने आया है. दिव्या पर करोड़ों रुपए की एलिमनी मांगने के आरोप लगाए जा रहे है. इन आरोपों का खंडन करते हुए बहन प्रज्ञा मिश्रा ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म 'एक्स' पर एक पोस्ट शेयर किया है. इस पोस्ट में उन्होंने कई बड़े खुलासे किए है. प्रज्ञा ने डेढ़ करोड़ रुपये की एलिमनी मांगने की बात को पूरी तरह से झूठ बताया है. इसके साथ ही उन्होंने दिव्या की हत्या के पीछे मानस और किसी तीसरे व्यक्ति के शामिल होने की भी आशंका जताई है.

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एलिमनी की झूठी बात फैलाई गई

प्रज्ञा मिश्रा ने अपने पोस्ट में लिखा है कि दिव्या और मानस के तलाक का केस कोर्ट में अभी शुरुआती चरण में ही चल रहा था. केस दाखिल हुए एक साल भी नहीं हुआ था. कानूनी प्रक्रिया के अनुसार परमानेंट एलिमनी की बात फाइनल डिवोर्स होने का बाद आती है. इसके साथ ही प्रज्ञा ने बताया की एलिमनी आर्थिक रूप से कमोजर महिला को ही मिलती है, लेकिन दिव्या खुद मानस से ऊंचे पद पर बैंक में काम करती थीं और आर्थिक रूप से भी बहुत मजबूत थीं. ऐसे में एलिमनी मांगने का सवाल ही नहीं उठता है. उन्होंने बताया जो दिव्या पर एलिमनी मांगने का आरोप लगा रहे हैं. वह सिर्फ दिव्या के चरित्र पर कीचड़ उछालने के लिए ये सब कर रहे हैं.

एलिमनी नहीं, स्त्रीधन मांगा था

प्रज्ञा ने एलिमनी के मामले में जानकारी देते हुए बताया कि दिव्या एलिमनी नहीं, बल्कि अपना 'स्त्रीधन' मांगा रही थी. स्त्रीधन वह जेवर और उपहार होते हैं, जो शादी के समय बेटी को उसके माता-पिता और रिश्तेदार देते हैं. स्त्रीधन पर सिर्फ पत्नी का अधिकार होता है. वह शादी खत्म होने के बाद स्त्रीधन मांग सकती है.  इसके लिए दिव्या ने कोर्ट में बाकायदा गहनों के बिल और फोटो को सबूत के तौर पर लगाए थे.  यह रकम डेढ़ करोड़ बताई जा रही है, जिसे दिव्या के परिवार द्वारा दिया गया स्त्रीधन था.

हथियारों और मर्डर पर गंभीर सवाल

इस पूरी मर्डर मिस्ट्री को दिव्या ने एक बड़ी साजिश बताया हैं. उन्होंने एक्स पर लिखा जिस मानस के घर में एक लाठी तक नहीं थी, उसके पास अचानक दो पिस्तौल और एक देसी तमंचा कहां से आ गया? उसे यह खौफनाक अपराध करने के लिए किसने उकसाया और उसका 'कोच' कौन था? क्या मानस की मानसिक स्थिति का किसी ने फायदा उठाया है?

मर्डर के बाद कहां था मानस?

प्रज्ञा ने हत्या की टाइमिंग पर भी शक जताया है. उन्होंने लिखा कि बैंक से घर की दूरी सिर्फ 10-15 मिनट की है. ऐसे में दिव्या की हत्या करने के बाद 35 से 45 मिनट तक मानस कहां था? क्या वह रास्ते में किसी से मिला था? इसके अलावा, मानस हमेशा 'हिंग्लिश' में लिखता था, तो वारदात से पहले उसका आखिरी स्टेटस पूरी तरह अंग्रेजी में किसने अपडेट किया? क्या घर में कोई तीसरा व्यक्ति भी मौजूद था जिसने मानस और उसकी बहन शीबा को मारा?

केस की दूसरी एजेंसी करे जांच

प्रज्ञा ने इसे एक मिस्टीरियस केस बताते हुए कहा है कि यह सीधे तौर पर बंद होने वाला मामला नहीं है. उन्होंने पुलिस से मांग की है कि वह इन सभी पहलुओं पर गहराई से जांच करे. प्रज्ञा ने लिखा कि अगर पुलिस को इन सवालों के जवाब और हथियारों का सोर्स नहीं मिलता है, तो यह केस किसी अन्य एजेंसी को सौंप देना चाहिए, ताकि उनकी बहन दिव्या और मानसिक रूप से बीमार शीबा को सही मायने में न्याय मिल सके.

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