Kanpur School Controversy: उत्तर प्रदेश के कानपुर स्थित एक प्राथमिक विद्यालय में उस समय बड़ा विवाद खड़ा हो गया जब समाजवादी पार्टी के विधायक ने पार्टी अध्यक्ष अखिलेश यादव के जन्मदिन के अवसर पर स्कूल परिसर में केक काटा. यह मामला 1 जुलाई का बताया जा रहा है, जब सपा विधायक अमिताभ बाजपेई बिना पूर्व सूचना के स्कूल पहुंचे और कथित रूप से वहां पार्टी का बैनर लगाकर बच्चों के बीच कार्यक्रम आयोजित किया. इस घटना के सामने आने के बाद मामला तेजी से राजनीतिक रंग लेने लगा और स्कूल परिसर में राजनीतिक गतिविधि कराने को लेकर सवाल उठने लगे.
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वायरल वीडियो के बाद प्रशासन की कार्रवाई
घटना का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल होने के बाद शिक्षा विभाग ने तुरंत संज्ञान लिया. बेसिक शिक्षा अधिकारी (बीएसए) हरिओम सिंह ने कार्रवाई करते हुए स्कूल के हेडमास्टर नवीन कुमार त्रिपाठी को निलंबित कर दिया और उन्हें खंड शिक्षा कार्यालय से संबद्ध कर दिया. अधिकारियों के अनुसार, प्रारंभिक जांच में हेडमास्टर को जिम्मेदार माना गया है और मामले की विस्तृत जांच के लिए एक समिति गठित कर दी गई है. इसके साथ ही प्रशासन ने आगे की विधिक कार्रवाई की प्रक्रिया भी शुरू कर दी है.
हेडमास्टर का पक्ष और कार्यक्रम को लेकर अलग दावे
निलंबित हेडमास्टर ने अपने स्पष्टीकरण में दावा किया है कि यह कार्यक्रम पहले किसी अन्य सामाजिक गतिविधि के तहत प्रस्तावित था. उनका कहना है कि सांसद रमेश अवस्थी की ओर से स्कूल में बच्चों के लिए ड्रेस वितरण कार्यक्रम की योजना थी, जिसे बाद में 6 जुलाई के लिए तय किया गया था. हालांकि, टेट परीक्षा के कारण कार्यक्रम की तारीख में बदलाव हुआ. इस बीच, कार्यक्रम को लेकर अलग-अलग दावे सामने आने से विवाद और बढ़ गया है.
सपा विधायक का बचाव और राजनीतिक आरोप-प्रत्यारोप
सपा विधायक अमिताभ बाजपेई ने आरोपों को खारिज करते हुए कहा कि वह लंबे समय से सरकारी स्कूलों में बच्चों के बीच जन्मदिन और अन्य कार्यक्रम मनाते आए हैं और इसमें गरीब बच्चों को सामग्री वितरित की जाती है. उन्होंने कहा कि यह राजनीति नहीं बल्कि सामाजिक कार्य है, और ऐसे आयोजनों का उद्देश्य बच्चों के साथ खुशियां साझा करना है.
वहीं उन्होंने बीजेपी पर भी पलटवार करते हुए कहा कि उनके कार्यक्रमों को लेकर अनावश्यक विवाद खड़ा किया जा रहा है. उन्होंने यह भी दावा किया कि उनके द्वारा कई वर्षों से स्कूलों, अस्पतालों और अनाथालयों में ऐसे कार्यक्रम आयोजित किए जाते रहे हैं.
बीजेपी का आरोप-स्कूलों पर कब्जे की कोशिश
इस पूरे मामले में बीजेपी नेताओं ने सपा पर गंभीर आरोप लगाए हैं. बीजेपी नेता सुरेश अवस्थी ने कहा कि समाजवादी पार्टी सरकारी स्कूलों और संस्थानों को राजनीतिक गतिविधियों का केंद्र बनाना चाहती है. उन्होंने आरोप लगाया कि ऐसे कार्यक्रमों के पीछे राजनीतिक लाभ लेने की मंशा होती है और शिक्षा के क्षेत्र में राजनीति को बढ़ावा दिया जा रहा है.
प्रशासन की जांच और बढ़ता राजनीतिक तनाव
मामले को लेकर जिला प्रशासन ने जांच समिति गठित कर दी है और पूरे घटनाक्रम की विस्तृत जांच की जा रही है. अधिकारियों का कहना है कि दोषियों के खिलाफ आवश्यक कार्रवाई की जाएगी. वहीं यह विवाद अब स्कूल परिसर से निकलकर प्रदेश की राजनीति में बड़ा मुद्दा बन गया है, जहां सपा और बीजेपी दोनों ही एक-दूसरे पर आरोप-प्रत्यारोप लगा रहे हैं.
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