कानपुर के सरकारी स्कूल में मना अखिलेश यादव का जन्मदिन... राजनीतिक बैनर लगाने पर हेड मास्टर सस्पेंड, दी ये सफाई

यूपी तक

• 07:40 PM • 03 Jul 2026

Kanpur News: कानपुर के एक सरकारी प्राथमिक विद्यालय में सपा प्रमुख अखिलेश यादव का जन्मदिन मनाने पर विवाद खड़ा हो गया है. स्कूल परिसर में राजनीतिक कार्यक्रम और बैनर लगाने के आरोप में बेसिक शिक्षा अधिकारी ने हेड मास्टर को निलंबित कर दिया है.

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Kanpur News: उत्तर प्रदेश के कानपुर से एक हैरान करने वाला राजनीतिक घटना सामने आई है. कानपुर के परमत स्थित एक सरकारी प्राथमिक विद्यालय में समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव का जन्मदिन मनाने को लेकर बड़ा विवाद खड़ा हो गया है. प्रशासन ने इस मामले में बड़ी कार्रवाई की है. स्कूल परिसर में बिना अनुमति के राजनीतिक बैनर लगाने और केक काटने के आरोप में बेसिक शिक्षा अधिकारी ने हेड मास्टर को तत्काल प्रभाव से सस्पेंड कर दिया है.

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स्कूल में काटा जन्मदिन का केक

यह पूरा मामला 1 जुलाई का है. आरोप है कि समाजवादी पार्टी के स्थानीय विधायक अमिताभ वाजपेई बिना किसी पूर्व सूचना के अपने समर्थकों के साथ अचानक स्कूल परिसर में पहुंच गए. उन्होंने स्कूल के अंदर सपा का राजनीतिक बैनर टांग दिया और अखिलेश यादव की फोटो लगाकर बच्चों के बीच केक काटा. इसके साथ ही विधायक ने बच्चों को ड्रेसेस भी बांटीं. सपा विधायक का कहना है कि वे कई सालों से ऐसे कार्यक्रम आयोजित करते आ रहे हैं और उनका उद्देश्य सिर्फ गरीब बच्चों के चेहरे पर मुस्कान लाना है.

प्रधानाध्यापक को किया गया निलंबित

सरकारी स्कूल के अंदर सपा के इस कार्यक्रम की भनक जैसे ही बीजेपी नेताओं को लगी, वैसे ही बवाल शुरू हो गया. विवाद बढ़ते ही शिक्षा विभाग में हड़कंप मच गया. इसके बाद बेसिक शिक्षा अधिकारी (BSA) हरिओम सिंह ने तुरंत कार्रवाई की. उन्होंने स्कूल के हेड मास्टर नवीन कुमार त्रिपाठी को दोषी पाते हुए तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया और उन्हें खंड शिक्षा कार्यालय से संबद्ध कर दिया. बीएसए के मुताबिक हेड मास्टर को विभाग की तरफ से कुछ अन्य जरूरी सरकारी काम सौंपे गए थे, लेकिन उन्होंने उन कामों को छोड़कर स्कूल में इस राजनीतिक कार्यक्रम को प्राथमिकता दी. इस मामले की विस्तृत जांच के लिए एक कमेटी भी बना दी गई है.

सांसद और विधायक में नूरा कुश्ती

इस विवाद में अब सस्पेंडेड हेड मास्टर नवीन कुमार त्रिपाठी का पक्ष भी सामने आया है. उन्होंने अपने लिखित स्पष्टीकरण में दावा किया है कि बीजेपी सांसद रमेश अवस्थी ने पहले स्कूल में बच्चों को ड्रेस वितरण का कार्यक्रम करने को कहा था. टीईटी परीक्षा के कारण उस कार्यक्रम को टालकर 6 जुलाई को होना तय किया गया था, लेकिन इसी बीच 1 जुलाई को सपा विधायक बिना बताए आ गए और केक काट दिया. दूसरी तरफ बीजेपी सांसद रमेश अवस्थी ने इस मामले से पल्ला झाड़ते हुए कहा है कि उन्होंने केवल बच्चों के ड्रेस का नाप लेने के लिए स्कूल आने की बात कही थी. वहीं सपा विधायक का आरोप है कि जब इस स्कूल का शिलान्यास उनकी विधायक निधि के पैसों से होना था, तो बीजेपी ने पहले कार्यक्रम की डेट रखकर विवाद की शुरुआत क्यों की है.