कानपुर से एक सनसनीखेज मामला सामने आया है, जहां शाहजहांपुर के एक दंपति और उनकी डेढ़ साल की मासूम बच्ची को दबंगों द्वारा लगभग 31 दिनों तक बंधक बनाकर रखने का आरोप लगा है. पीड़ित दंपति ओम गुप्ता और दिव्या गुप्ता शाहजहांपुर के रहने वाले हैं. आरोप है कि उन्नाव के बांगरमऊ में उनकी 14 बीघा जमीन को हड़पने के लिए प्रॉपर्टी डीलर दीपक गंगवार ने उन्हें एग्रीमेंट के बहाने कानपुर बुलाया और 5 फरवरी को अगवा कर लिया. दबंगों ने उन्हें अलग-अलग होटलों और अंत में कल्याणपुर के एक फ्लैट में बाहर से ताला लगाकर कैद रखा.
ADVERTISEMENT
Android TV और Facebook ने बचा ली जान
बंधक बनाने वालों ने कमरे में मनोरंजन के लिए Android TV चालू किया और उसे हॉटस्पॉट से कनेक्ट किया. मौका पाकर दंपति ने टीवी पर अपना Facebook अकाउंट लॉगिन किया और अपने परिजनों को बंधक बनाए जाने की सूचना और लोकेशन भेजी. परिजनों ने कानपुर पुलिस से संपर्क किया, जिसके बाद पुलिस ने फ्लैट का ताला तोड़कर उन्हें मुक्त कराया.
पीड़ितों का आरोप है कि स्थानीय पुलिस आरोपियों से मिली हुई थी. उन्हें घंटों भूखा रखा गया और उनकी तहरीर को तीन बार बदलवाकर 'अपहरण' की जगह केवल 'बंधक' का मामूली मुकदमा दर्ज किया गया. दंपति के अनुसार, दबंगों ने उनके चेकबुक, एटीएम कार्ड और मोबाइल भी छीन लिए थे और वे जबरन रजिस्ट्री कराने का दबाव बना रहे थे.
एसीपी आशुतोष कुमार ने पुलिस पर लगे आरोपों को बेबुनियाद बताया है. उनका कहना है कि यह जमीन के लेनदेन का विवाद था और दंपति अपनी मर्जी के खिलाफ रोके गए थे, जिसके आधार पर मुकदमा दर्ज कर जांच की जा रही है.
ADVERTISEMENT









