कानपुर में स्कूल के कायाकल्प पर 'सियासी' संग्राम... सपा विधायक अमिताभ बाजपेयी और भाजपा नेता सुरेश अवस्थी के बीच तीखी भिड़ंत

कानपुर में प्राथमिक स्कूल के आधुनिकीकरण को लेकर सपा विधायक अमिताभ बाजपेयी और भाजपा नेता सुरेश अवस्थी के बीच विवाद. ₹25 लाख के प्रोजेक्ट पर मारपीट और गुंडागर्दी के आरोपों से गर्मायी राजनीति.

यूपी तक

• 01:32 PM • 14 May 2026

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कानपुर: उत्तर प्रदेश की औद्योगिक राजधानी कानपुर में विकास कार्यों को लेकर राजनीति इस कदर गरमा गई है कि सत्ता पक्ष और विपक्ष के नेता आमने-सामने आ गए हैं. आर्य नगर से सपा विधायक अमिताभ बाजपेयी और भाजपा नेता सुरेश अवस्थी के बीच एक प्राथमिक विद्यालय के आधुनिकीकरण को लेकर शुरू हुआ विवाद अब मारपीट और गंभीर आरोपों तक पहुँच गया है.

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₹25 लाख का प्रोजेक्ट और विवाद की जड़

विधायक अमिताभ बाजपेयी ने बताया कि उन्होंने क्षेत्र के कई स्कूलों के कायाकल्प का बीड़ा उठाया है. इसी कड़ी में एक प्राथमिक विद्यालय के जर्जर भवन को हटाकर ₹25 लाख की लागत से तीन अत्याधुनिक कमरे बनवाने का काम चल रहा है.

  • विधायक का आरोप: अमिताभ बाजपेयी का दावा है कि जब स्कूल में निर्माण कार्य चल रहा था, तब भाजपा नेता सुरेश अवस्थी ने अपने समर्थकों के साथ आकर कार्य में बाधा उत्पन्न की.
  • मारपीट और गुंडागर्दी: सपा विधायक ने आरोप लगाया कि राजनीतिक दबाव के चलते विकास कार्य को रोकने की कोशिश की गई और इस दौरान उनके साथ मारपीट व अभद्रता भी की गई.

सुरेश अवस्थी और भाजपा का पक्ष

दूसरी ओर, भाजपा नेता सुरेश अवस्थी और उनके समर्थकों ने भी अपना पक्ष मजबूती से रखा है. इस विवाद के बाद दोनों पक्षों ने पुलिस और प्रशासन के चक्कर लगाए, जिससे स्थानीय राजनीति में तनाव की स्थिति बनी हुई है. प्रशासन और पुलिस की भूमिका पर भी सवाल उठ रहे हैं कि आखिर विकास कार्य के दौरान सुरक्षा सुनिश्चित क्यों नहीं की गई.

चुनाव से पहले बढ़ी सियासी तपिश

विधानसभा चुनाव के नजदीक आते ही कानपुर का राजनीतिक पारा चढ़ गया है. इस घटना को महज स्कूल का विवाद नहीं बल्कि चुनावी वर्चस्व की लड़ाई के रूप में देखा जा रहा है. नेताओं की इस बयानबाजी और आपसी संघर्ष ने स्थानीय जनमानस को भी आहत किया है.

विकास कार्य बनाम राजनीतिक वर्चस्व

यह घटना एक बड़ा सवाल खड़ा करती है कि क्या राजनीतिक प्रतिद्वंद्विता विकास कार्यों पर भारी पड़ेगी? स्थानीय लोगों का मानना है कि स्कूल जैसे पवित्र स्थान के आधुनिकीकरण पर विवाद दुर्भाग्यपूर्ण है. फिलहाल, दोनों पक्षों की शिकायतों के बाद पुलिस मामले की जांच कर रही है.