Kanpur Fake Matrimonial Website Scam: कानपुर में पुलिस ने फर्जी मैट्रीमोनियल वेबसाइट के जरिए साइबर ठगी करने वाले एक बड़े गिरोह का भंडाफोड़ किया है. पुलिस के मुताबिक यह गिरोह एआई (आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस) से तैयार की गई सुंदर लड़कियों की तस्वीरों का इस्तेमाल कर शादी के इच्छुक लोगों को अपने जाल में फंसाता था. इसके बाद कॉल सेंटर में बैठी युवतियां खुद को संभावित दुल्हन बताकर बातचीत शुरू करती थीं और रजिस्ट्रेशन, प्रोफाइल एक्टिवेशन व मुलाकात कराने के नाम पर लाखों रुपये की ठगी करती थीं. कल्याणपुर थाना पुलिस और साइबर सेल की संयुक्त कार्रवाई में इस मामले में तीन आरोपियों को गिरफ्तार किया गया है, जबकि पूरे नेटवर्क की जांच जारी है.
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AI की तस्वीरों से तैयार होता था ठगी का जाल
पुलिस जांच में सामने आया कि आरोपियों ने एक फर्जी मैट्रीमोनियल प्लेटफॉर्म तैयार कर रखा था. वेबसाइट पर एआई से बनाई गई सुंदर लड़कियों की तस्वीरें अपलोड की जाती थीं ताकि शादी की तलाश कर रहे लोग आसानी से प्रभावित हो जाएं. इसके बाद कॉल सेंटर में बैठी युवतियां खुद को संभावित दुल्हन बताकर पीड़ितों से बातचीत करती थीं. बातचीत के दौरान भावनात्मक जुड़ाव बनाकर उनका भरोसा जीता जाता था और फिर अलग-अलग बहानों से उनसे पैसे वसूले जाते थे.
पूरा कॉल सेंटर था खेल का हिस्सा
जांच में यह भी पता चला कि जिन लड़कियों से लोग शादी की उम्मीद में बात कर रहे थे, वे असल में किसी वैवाहिक रिश्ते का हिस्सा नहीं थीं. पूरा सिस्टम एक संगठित कॉल सेंटर के जरिए संचालित किया जा रहा था. यहां काम करने वाले कर्मचारी रजिस्ट्रेशन फीस, प्रोफाइल एक्टिवेशन, बातचीत आगे बढ़ाने और मुलाकात तय कराने जैसे बहाने बनाकर लोगों से रकम वसूलते थे. इस तरह पीड़ितों को यह भरोसा दिलाया जाता था कि उनका रिश्ता जल्द तय होने वाला है.
पुलिस की छापेमारी में तीन आरोपी गिरफ्तार
सूचना मिलने के बाद साइबर सेल और कल्याणपुर थाना पुलिस ने आवास विकास क्षेत्र स्थित एक अपार्टमेंट में छापा मारा. कार्रवाई के दौरान वहां 'ऑनलाइन मैच पॉइंट' नाम से संचालित मैट्रीमोनियल कॉल सेंटर मिला. डीसीपी वेस्ट एसएम कासिम आबिदी ने बताया 'मौके पर ऑनलाइन मैच पॉइंट नाम से मैट्रीमोनियल कॉल सेंटर संचालित मिला, जहां से कई राज्यों के लोगों को कॉल की जा रही थी.' पुलिस ने मुख्य आरोपी अनुराधा त्रिवेदी, विक्रम खूटे और प्रियंका को गिरफ्तार किया है. इसके अलावा कॉल सेंटर में काम करने वाली करीब 15 युवतियों से भी पूछताछ की गई.
हर दिन 100 से 150 लोगों को बनाया जाता था निशाना
पुलिस के अनुसार कॉल सेंटर में काम करने वाली युवतियों को प्रतिदिन 100 से 150 शादी के इच्छुक लोगों के मोबाइल नंबर दिए जाते थे. बातचीत के दौरान उनकी उम्र, पसंद और जरूरत की जानकारी जुटाई जाती थी. इसके बाद उनकी पसंद के अनुसार एआई से तैयार तस्वीरें भेजी जाती थीं. जब सामने वाला व्यक्ति भरोसा कर लेता था तो उससे रजिस्ट्रेशन फीस, प्रीमियम सर्विस और मुलाकात की व्यवस्था के नाम पर पैसे मांगे जाते थे. शुरुआती जांच में सामने आया है कि यह गिरोह करीब डेढ़ साल से सक्रिय था और 10 से 15 हजार से अधिक लोगों को अपना शिकार बना चुका हो सकता है. ठगी की रकम करोड़ों रुपये तक पहुंचने की आशंका जताई जा रही है.
बैंक खातों की जांच जारी
गिरफ्तार आरोपियों से पूछताछ के बाद पुलिस अब उनके बैंक खातों, मोबाइल रिकॉर्ड और डिजिटल ट्रांजैक्शन की जांच कर रही है. जांच एजेंसियां यह पता लगाने में जुटी हैं कि इस नेटवर्क में कुल कितने लोग शामिल थे और अब तक कितनी रकम की ठगी की गई. पुलिस ने तीनों आरोपियों को कोर्ट में पेश कर जेल भेज दिया है. वहीं, इस फर्जी मैट्रीमोनियल नेटवर्क से जुड़े अन्य संदिग्धों की तलाश भी तेज कर दी गई है. पुलिस का मानना है कि जांच आगे बढ़ने के साथ इस साइबर ठगी से जुड़े कई और अहम खुलासे हो सकते हैं.
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