Monsoon Rain: यूपी में मॉनसून अपने शबाब पर... आज इन जिलों में होगी भयंकर बारिश

यूपी तक

08 Jul 2026 (अपडेटेड: 08 Jul 2026, 09:46 AM)

उत्तर प्रदेश में मानसून पूरी तरह सक्रिय है. मौसम विभाग ने 8 जुलाई को गौतम बुद्ध नगर, आगरा, मथुरा, बुलंदशहर, झांसी, ललितपुर समेत कई जिलों में भारी बारिश का येलो अलर्ट जारी किया है.

UP Weather Update

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UP Weather Update: उत्तर प्रदेश में भीषण गर्मी और उमस से परेशान लोगों के लिए राहत की खबर है. मौसम विभाग के अनुसार, राज्य में मानसून पूरी तरह सक्रिय नजर आ रहा है. पिछले 24 घंटों के दौरान पूर्वी उत्तर प्रदेश में मानसून सामान्य रहा और कई हिस्सों में हल्की से मध्यम तो कुछ जगहों पर भारी बारिश दर्ज की गई है.

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आज यानी 8 जुलाई को भी उत्तर प्रदेश के अलग-अलग हिस्सों में बादलों की आवाजाही और गरज-चमक के साथ बौछारें पड़ने की पूरी संभावना जताई गई है. मौसम विभाग ने पश्चिमी उत्तर प्रदेश के अनेक स्थानों और पूर्वी उत्तर प्रदेश के कुछ हिस्सों में बारिश का अनुमान लगाया है. 

बारिश किन किन जिलों में होगी

मौसम विभाग द्वारा जारी ताजा रिपोर्ट के अनुसार, 8 जुलाई को उत्तर प्रदेश के कई जिलों में भारी बारिश की चेतावनी जारी की गई है. 

  • भारी बारिश वाले प्रमुख जिले: गौतम बुद्ध नगर, बुलंदशहर, अलीगढ़, मथुरा, हाथरस, कासगंज, एटा, आगरा, फिरोजाबाद, संभल, बदायूं, झांसी, ललितपुर और इनके आस-पास के इलाके.

इन सभी जिलों में मौसम विभाग ने येलो अलर्ट जारी किया है, जिसका मतलब है कि यहां रहने वाले लोगों को मौसम के बदलते मिजाज को लेकर सचेत रहने की जरूरत है.

कल किस जिले में तापमान सबसे ज्यादा और सबसे कम रहा

मौसम के उतार-चढ़ाव के बीच तापमान के मोर्चे पर भी बड़ा फेरबदल देखने को मिला है. सोमवार को उत्तर प्रदेश में सबसे ज्यादा अधिकतम तापमान 40.4 डिग्री सेल्सियस उरई में दर्ज किया गया, जहां लोग उमस और तपिश से बेहाल नजर आए. वहीं दूसरी ओर, रात के समय सबसे कम न्यूनतम तापमान 24.0 डिग्री सेल्सियस बस्ती में रिकॉर्ड किया गया, जिससे वहां के लोगों को गर्मी से थोड़ी राहत मिली.

किसानों और आम जनता के लिए सलाह

मौसम वैज्ञानिकों का कहना है कि अगले 4 से 5 दिनों के दौरान राज्य के अधिकतम तापमान में 5 से 7 डिग्री सेल्सियस तक की बड़ी गिरावट आ सकती है, जिससे उमस भरी गर्मी से बड़ी राहत मिलेगी. हालांकि, भारी बारिश के दौरान निचले इलाकों में जलभराव और सड़कों पर विजिबिलिटी कम होने की आशंका है. ऐसे में वाहन चलाते समय सावधानी बरतें और बिजली कड़कने के दौरान पेड़ों या कमजोर कंक्रीट की दीवारों के नीचे आश्रय लेने से बचें.