झांसी में 27 साल की मरीना लाजरस के चक्कर में फंस गए रेलवे के बड़े अधिकारी, महिला ने AI के इस्तेमाल से कर दिया ये कांड

यूपी तक

• 01:21 PM • 11 Sep 2026

Jhansi News: झांसी में AI के गलत इस्तेमाल से रेलवे अधिकारी को ब्लैकमेल करने का मामला सामने आया है. कर्नाटक की 27 वर्षीय महिला ने कथित तौर पर AI से अधिकारी की आपत्तिजनक तस्वीर बनाकर उससे 15 लाख रुपए की मांग की है.

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Jhansi News: उत्तर प्रदेश के झांसी से ब्लैकमेलिंग का एक ऐसा हैरान करने वाला मामला सामने आया है, जिसने आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) के गलत इस्तेमाल से सबको चौंका दिया है. यहां कर्नाटक की रहने वाली एक 27 साल की महिला ने AI की मदद से रेलवे के एक बड़े अधिकारी की आपत्तिजनक तस्वीर बनाई. इसके बाद आरोपी महिला ने इस तस्वीर को वायरल करने की धमकी देकर अधिकारी और उसके परिवार से 15 लाख रुपये की मांग कर डाली. लगातार मिल रही धमकियों से परेशान होकर अधिकारी की पत्नी ने पुलिस में शिकायत दर्ज कराई. पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए आरोपी महिला को प्रयागराज से गिरफ्तार कर लिया है.

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लंबे समय से कर रही थी ब्लैकमेल

यह पूरा मामला झांसी के नवाबाद थाना क्षेत्र स्थित रेलवे कॉलोनी का है. पुलिस को दी गई शिकायत के अनुसार, कर्नाटक के हुबली की रहने वाली मरीना लाजरस काफी समय से रेलवे अधिकारी और उनके परिवार को ब्लैकमेल कर रही थी. ब्लैकमेलिंग का यह खेल 13 जनवरी 2026 से ही शुरू हो गया था. आरोप है कि अलग-अलग तारीखों पर इस महिला ने परिवार से पैसे भी ऐंठे थे.

AI से बनाई आपत्तिजनक तस्वीर

इस ब्लैकमेलिंग के खेल ने तब गंभीर मोड़ ले लिया जब 31 जुलाई 2026 को आरोपी महिला ने AI तकनीक का गलत इस्तेमाल करते हुए रेलवे अधिकारी की एक बेहद आपत्तिजनक तस्वीर बना डाली. यह फर्जी तस्वीर अधिकारी को भेजकर 15 लाख रुपये की मांग की गई. इतना ही नहीं, आरोपी ने धमकी दी कि उसके पास परिवार की अन्य कुंवारी महिलाओं की भी ऐसी तस्वीरें हैं, जिन्हें वायरल कर पूरे परिवार की छवि खराब कर दी जाएगी.

प्रयागराज से महिला गिरफ्तार

परिवार की शिकायत मिलने के बाद नवाबाद पुलिस ने मामले की गंभीरता को देखते हुए तुरंत मुकदमा दर्ज कर लिया. पुलिस टीम ने जांच शुरू की और आरोपी मरीना को प्रयागराज से गिरफ्तार कर लिया. गिरफ्तारी के बाद पुलिस ने आरोपी के पास से दो मोबाइल फोन और एक लैपटॉप भी बरामद किया है. फिलहाल पुलिस इन इलेक्ट्रॉनिक उपकरणों की डिजिटल जांच कर रही है ताकि ब्लैकमेलिंग और पैसों की मांग से जुड़े सबूत जुटाए जा सकें.