उत्तर प्रदेश के मत्स्य पालन मंत्री डॉ. संजय निषाद ने विभाग के माध्यम से प्रदेश के मछुआरा समुदाय और पूर्वांचल के कायाकल्प का खाका पेश किया है. गोरखपुर में यूपी Tak की विकसित यूपी बैठक में उन्होंने न केवल विभागीय उपलब्धियां गिनाईं, बल्कि सामाजिक न्याय और आरक्षण जैसे संवेदनशील मुद्दों पर भी अपनी बेबाक राय रखी.
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मंत्री संजय निषाद ने जानकारी दी कि मत्स्य पालन विभाग के अंतर्गत एशिया के सबसे बड़े फिशरी सेंटर की स्थापना की गई है. उन्होंने कहा कि यह केंद्र पूर्वांचल के किसानों और मत्स्य पालकों के लिए मील का पत्थर साबित हो रहा है. इसके साथ ही, विभाग द्वारा मछुआरों को सुरक्षित नावें, बीमा कवर और विशेष फंड का आवंटन किया गया है, जिससे इस पारंपरिक व्यवसाय से जुड़े लोगों की आर्थिक स्थिति में सुधार आया है.
आरक्षण से छेड़छाड़ बर्दाश्त नहीं: निषाद
विकास कार्यों के साथ-साथ संजय निषाद ने अपने राजनीतिक संघर्ष को भी याद किया. उन्होंने आरक्षण के मुद्दे पर चिंता जताते हुए कहा कि सामाजिक न्याय और संवैधानिक अधिकारों की सुरक्षा उनकी प्राथमिकता है. उन्होंने स्पष्ट किया कि निषाद समाज के अधिकारों और सम्मान के लिए उनका संघर्ष जारी रहेगा. मंत्री ने विपक्षी दलों पर निशाना साधते हुए कहा कि पूर्व की सरकारों ने इस समाज की अनदेखी की, लेकिन अब उन्हें उचित प्रतिनिधित्व मिल रहा है.
शिक्षा और स्वास्थ्य पर विशेष जोर
सिर्फ मछली पालन ही नहीं, बल्कि निषाद समाज के सर्वांगीण विकास के लिए शिक्षा और स्वास्थ्य के क्षेत्र में भी कई योजनाओं को धरातल पर उतारा गया है. मंत्री के अनुसार, गरीब और पिछड़े वर्गों के लिए वित्तीय सहायता और स्वास्थ्य सुविधाओं का विस्तार किया गया है. उन्होंने आगामी चुनावों में अपनी पार्टी की मजबूती का दावा करते हुए कहा कि जनता विकास और संवेदनशीलता के आधार पर अपना फैसला सुनाएगी.
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