Gorakhpur Police News: उत्तर प्रदेश के गोरखपुर स्थित दीनदयाल उपाध्याय गोरखपुर विश्वविद्यालय (DDU) में छात्रों के धरने के दौरान हुए हंगामे का एक वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है. वीडियो में एक दारोगा भूख हड़ताल पर बैठे छात्रों से सख्त लहजे में बात करते दिखाई दे रहे हैं. वायरल वीडियो में दारोगा कथित तौर पर छात्रों को चेतावनी देते हुए कहते हैं, 'इतनी फोर्स लगाऊंगा कि ठंडा कर दूंगा... जान नहीं रहे हो, ये गोरखपुर पुलिस है.' यह मामला 8 सितंबर की दोपहर करीब 2 से 3 बजे के बीच का बताया जा रहा है. छात्रों को धरने की जगह से हटाने की कोशिश के दौरान विश्वविद्यालय परिसर में नोकझोंक और धक्का-मुक्की की स्थिति भी बनी.
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25 अगस्त से चल रहा था छात्रों का धरना
DDU में छात्रों का आंदोलन 25 अगस्त से प्रशासनिक भवन के सामने चल रहा था. छात्र नेता विश्वविद्यालय से जुड़ी अपनी समस्याओं और कथित अनियमितताओं को लेकर धरने पर बैठे थे. छात्रों का कहना था कि उनकी मांगों पर विश्वविद्यालय प्रशासन की ओर से ठोस कार्रवाई नहीं हो रही है. इसके बाद 5 सितंबर से यह आंदोलन भूख हड़ताल में बदल गया. छात्र नेता सतीश प्रजापति और उज्जवल सिंह ने अपनी मांगें प्रशासन के सामने रखीं. उनका कहना था कि जब तक समस्याओं का समाधान नहीं होता और मांगों पर ठोस कार्रवाई नहीं की जाती, तब तक आंदोलन जारी रहेगा.
भूख हड़ताल खत्म कराने पहुंचे एडिशनल प्रॉक्टर
8 सितंबर को भूख हड़ताल खत्म कराने और छात्रों से बातचीत करने के लिए विश्वविद्यालय के एडिशनल प्रॉक्टर डॉ. वेद प्रकाश राय प्रशासनिक भवन के मुख्य द्वार पर पहुंचे. उनके साथ पुलिस बल और विश्वविद्यालय के सुरक्षाकर्मी भी मौजूद थे. इस दौरान छात्रों ने उनके सामने अपनी मांगें रखीं. दोनों पक्षों के बीच बातचीत हुई, लेकिन किसी मुद्दे पर सहमति नहीं बन सकी. इसके बाद मामला धीरे-धीरे तनावपूर्ण होने लगा और छात्रों तथा विश्वविद्यालय प्रशासन के बीच कहासुनी शुरू हो गई.
ऐसे बढ़ी नोकझोंक
छात्र प्रशासनिक भवन परिसर में धरने और भूख हड़ताल पर बैठे हुए थे. इसी दौरान विश्वविद्यालय प्रशासन की ओर से उन्हें वहां से हटाने की कार्रवाई शुरू की गई. एडिशनल प्रॉक्टर डॉ. वेद प्रकाश राय पुलिसकर्मियों और सुरक्षाकर्मियों के साथ मौके पर पहुंचे. छात्रों ने प्रशासन की इस कार्रवाई का विरोध किया. भूख हड़ताल कर रहे छात्र नेताओं के साथ उनके समर्थन में मौजूद दूसरे छात्रों का गुस्सा भी बढ़ गया. देखते ही देखते बहस और नोकझोंक की स्थिति बन गई और परिसर का माहौल तनावपूर्ण हो गया.
प्रॉक्टर को बाहर ले गई पुलिस
मामला बढ़ने के दौरान वहां धक्का-मुक्की भी हुई. स्थिति ऐसी बनी कि एडिशनल प्रॉक्टर डॉ. वेद प्रकाश राय को छात्रों के बीच से बाहर निकालना पड़ा. वायरल वीडियो में वह तेजी से प्रशासनिक भवन परिसर से बाहर की ओर जाते दिखाई देते हैं. इस दौरान पुलिसकर्मी और विश्वविद्यालय के गार्ड उन्हें छात्रों के बीच से निकालते हुए नजर आते हैं. पुलिस और सुरक्षाकर्मियों ने किसी तरह उन्हें परिसर से बाहर निकाला और बाद में उनके कार्यालय तक पहुंचाया. इसी घटनाक्रम के दौरान मौके पर मौजूद पुलिसकर्मियों के बीच भी तनाव की स्थिति देखी गई.
इसी दौरान रिकॉर्ड हुआ दारोगा का वीडियो
हंगामे के बीच एक दारोगा का वीडियो किसी ने रिकॉर्ड कर लिया. वायरल वीडियो में दारोगा धरने पर बैठे छात्रों से सख्त अंदाज में बातचीत करते सुनाई दे रहे हैं. वीडियो में कथित तौर पर उनकी आवाज में यह बात सुनाई देती है, 'इतनी फोर्स लगाऊंगा कि ठंडा कर दूंगा... जान नहीं रहे हो, ये गोरखपुर पुलिस है.' वीडियो सोशल मीडिया पर सामने आने के बाद यह बयान चर्चा का विषय बन गया. हालांकि वायरल वीडियो के आधार पर दारोगा के बयान और पूरे घटनाक्रम को लेकर सोशल मीडिया पर अलग-अलग प्रतिक्रियाएं सामने आ रही हैं.
'ये गोरखपुर पुलिस है...' बयान पर मचा बवाल
दारोगा के कथित बयान का सबसे ज्यादा चर्चा वाला हिस्सा 'ये गोरखपुर पुलिस है' बताया जा रहा है. इसके साथ ही वीडियो में 'इतनी फोर्स लगाऊंगा कि ठंडा कर दूंगा' कहे जाने का दावा किया जा रहा है. यही हिस्सा सोशल मीडिया पर तेजी से शेयर किया जा रहा है. पूरे मामले में अब छात्रों के धरने और विश्वविद्यालय प्रशासन के बीच चल रहे विवाद के साथ पुलिस की भूमिका भी चर्चा में आ गई है. हालांकि वीडियो के सामने आने के बाद संबंधित पुलिसकर्मी की ओर से इस बयान को लेकर कोई अलग पक्ष यहां उपलब्ध जानकारी में सामने नहीं आया है.
8 सितंबर को दोपहर में हुआ पूरा घटनाक्रम
बताया जा रहा है कि यह पूरा घटनाक्रम 8 सितंबर की दोपहर करीब 2 से 3 बजे के बीच हुआ. एक तरफ छात्र प्रशासनिक भवन परिसर से हटाए जाने का विरोध कर रहे थे, वहीं दूसरी ओर विश्वविद्यालय प्रशासन धरना खत्म कराने और परिसर में व्यवस्था बनाए रखने की कोशिश कर रहा था. एडिशनल प्रॉक्टर के पहुंचने के बाद छात्रों ने अपनी मांगों को लेकर बातचीत की. सहमति नहीं बनने के बाद कहासुनी और नोकझोंक की स्थिति पैदा हुई. इसी बीच धक्का-मुक्की हुई और प्रॉक्टर को पुलिस तथा गार्ड की मदद से वहां से बाहर ले जाया गया.
छात्रों का कहना- मांगें पूरी होने तक आंदोलन जारी रहेगा
छात्र नेताओं सतीश प्रजापति और उज्जवल सिंह ने आंदोलन के दौरान अपनी मांगों को प्रशासन के सामने रखा है. छात्रों का कहना है कि उनकी समस्याओं और मांगों पर जब तक ठोस कार्रवाई नहीं होती, तब तक आंदोलन खत्म नहीं किया जाएगा. इसी मांग को लेकर 25 अगस्त से प्रशासनिक भवन के सामने धरना चल रहा था, जिसे 5 सितंबर से भूख हड़ताल में बदल दिया गया. विश्वविद्यालय प्रशासन की ओर से छात्रों को हटाने की कोशिश और इसके बाद हुई नोकझोंक ने मामले को और तूल दे दिया है.
अब पुलिस के बयान पर नजर
DDU में छात्रों के धरने से शुरू हुआ विवाद अब दारोगा के कथित बयान वाले वायरल वीडियो की वजह से सोशल मीडिया पर भी चर्चा में है. 8 सितंबर को हुए घटनाक्रम में छात्रों की भूख हड़ताल, प्रशासनिक भवन से हटाने की कोशिश, एडिशनल प्रॉक्टर का छात्रों के बीच घिरना, धक्का-मुक्की और पुलिस की मौजूदगी सभी एक ही घटनाक्रम का हिस्सा रहे. अब वायरल वीडियो में सुनाई दे रहे दारोगा के कथित शब्दों को लेकर चर्चा हो रही है.
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