गोरखपुर मंडल में इस नई रेल लाइन को मिली स्वीकृति, इन क्षेत्र के यात्रियों को मिलेगा लाभ

भारतीय रेल, आमजन की आकांक्षाओं के अनुरूप और नए भारत के नए विजन को ध्यान में रखते हुए इन्फ्रास्ट्रक्चर के विस्तार व विकास पर तेज…

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रवि गुप्ता

• 05:22 PM • 28 Aug 2023

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भारतीय रेल, आमजन की आकांक्षाओं के अनुरूप और नए भारत के नए विजन को ध्यान में रखते हुए इन्फ्रास्ट्रक्चर के विस्तार व विकास पर तेज गति से कार्य कर रही है. इसके अन्तर्गत पूर्वोत्तर रेलवे पर अनेक आमान परिवर्तन, दोहरीकरण, तीसरी लाइन और नईलाइन निर्माण के कार्य किए जा रहे हैं. इसी दिशा में नई रेल लाइन आनन्दनगर-घुघली वाया महराजगंज को स्वीकृति मिली है.

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यह नई रेल लाइन आनन्दनगर से महराजगंज होते हुए घुघली रेलवे स्टेशन जो कि गोरखपुर-बाल्मिकीनगर खंड पर स्थित है, उसको जोड़ेगी. इस नई रेल लाइन की कुल लंबाई 52.7 किमी है और स्वीकृत लागत 958.27 करोड़ रुपये है, जबकि ऐसी सूचना है कि वर्तमान वित्तवर्ष में इस कार्य के लिए रुपये 20 करोड़ का आवंटन किया गया है.

इन क्षेत्र के यात्रियों को होगा लाभ

ऐसा दावा है कि इस नई रेल लाइन के निर्माण से हिमालय के तराई क्षेत्र में स्थित महराजगंज जनपद का विकास होगा और कृषि बाहुल्य क्षेत्र होने के कारण लघु कृषि उद्योग को भी बढ़ावा मिलेगा. यह रेल लाइन महराजगंज जो कि जिला महाराजगंज का मुख्यालय है उसको भी बेहतर कनेक्टिविटी प्रदान करेगी.

वर्तमान में नेपाल सीमा से जुड़ा महराजगंज नगर रेल हेड से जुड़ा नहीं है. अतः इस लाइन के बन जाने से उत्तर भारत से आने वाली ट्रेनों को वाल्मीकि नगर और रक्सौल होते हुए पूर्वोत्तर के राज्यों को एक वैकल्पिक मार्ग उपलब्ध होगा और गोरखपुर जं. स्टेशन पर यातायात का दबाव कम होगा.

पूरी लाइन होंगी विद्युतीकृत

गौरतलब है कि ब्राडगेज की यह नई रेल लाइन विद्युतीकृत लाइन होगी. जिसका लाभ हिमालय की तलहटी में स्थित इस क्षेत्र केसाथ-साथ पड़ोसी देश नेपाल के लोगों को मिलेगा. इसमें कुल 09 बड़े और 14 छोटे पुल बनाए जाएंगे. इस रेल लाइन के निर्माण के लिए 191.059 हेक्टेयर भूमि की आवश्यकता होगी, जिसके अधिग्रहण की प्रक्रिया शीघ्र ही शुरू की जाएगी. इसमें कुल 07 स्टेशन होंगे, जिसमें से आनन्दनगर, महराजगंज, घुघली क्रासिंग स्टेशन होगे और 04 हॉल्ट स्टेशन बनाए जाएंगे.

गोण्डा से पनियहवा वाया आनन्दनगर, गोरखपुर, गोरखपुर कैंट, घुघली होते हुए कुल दूरी 307 किमी. है. इस नई रेल लाइन के बनजाने से यह दूरी 265 किमी. रह जाएगी. गोरखपुर के बाई पास हो जाने से यात्रा समय में उल्लेखनीय कमी आएगी.

क्या कहना है CPRO का?

पूर्वोत्तर रेलवे के मुख्य जनसंपर्क अधिकारी पंकज कुमार सिंह ने बताया कि इस नई रेल लाइन के लिए धनराशि स्वीकृत हो चुकी है. इस नई रेल लाइन के बन जाने से गोरखपुर मंडल के रेल यात्रियों को बहुत फायदा मिलेगा. वहीं, यात्रा में सहूलियत भी मिलेगी साथ हीमहाराजगंज जिला मुख्यालय को भी बहुत लाभ होगा.