गोंडा, उत्तर प्रदेश: कहते हैं कि दुनिया में मां का साया उठ जाने से बड़ा कोई दुख नहीं होता. उत्तर प्रदेश के गोंडा से एक ऐसा दिल दहला देने वाला मामला सामने आया है जिसे सुनकर हर किसी की आंखें नम हो गईं. यहां जिला अस्पताल में एक बेसहारा महिला की मौत के बाद उसके रिश्तेदारों ने शव लेने से साफ मना कर दिया. आखिरकार 24 घंटे के इंतजार के बाद, हिंदू संगठनों की मदद से 8 साल के मासूम बेटे ने अपनी मां का अंतिम संस्कार कर उन्हें मुखाग्नि दी.
ADVERTISEMENT
क्या है पूरा मामला?
बीती 4 जून की दोपहर को करीब 35 वर्षीय गीता देवी नाम की महिला को एम्बुलेंस के जरिए गोंडा मेडिकल कॉलेज के जिला अस्पताल में भर्ती कराया गया था. अस्पताल के रजिस्टर के मुताबिक महिला डायरिया से पीड़ित थी, हालांकि चर्चा है कि वह गंभीर टीबी की मरीज थी. महिला के साथ उसका सिर्फ 8 साल का बेटा था. इलाज के दौरान उसी शाम महिला ने दम तोड़ दिया.
नर्सों ने निभाया फर्ज
महिला की मौत के बाद जब शव को ले जाने वाला कोई नहीं मिला, तो अस्पताल प्रशासन ने शव को मर्चरी में रखवाकर नगर कोतवाली पुलिस को सूचना दी. छोटा बच्चा इस बात से बिल्कुल अनजान था कि उसकी मां अब इस दुनिया में नहीं है. वह वार्ड के बाहर चुपचाप बैठकर लोगों को आते-जाते देख रहा था. बच्चे की यह हालत देख अस्पताल के स्टाफ का दिल पसीज गया. ड्यूटी पर तैनात नर्सों और शिफ्ट बदलने के बाद आईं ट्रेनी नर्सों ने बच्चे को दुलारा, उसे खाना-पीना खिलाया और उसकी देखभाल की.
बच्चे ने अपनी मौसी के बेटे का मोबाइल नंबर बताया जिसपर बात की गई लेकिन उन लोगों ने लाश लेने से मना कर दिया. इसी बीच इस बारे में हिंदू संगठनों को पता चला, जिन्होंने पहल करके बच्चे की मां का अंतिम संस्कार कराने की बात कही. पुलिस प्रशासन भी राजी हो गया और हिंदू संगठनों के सहयोग से नगर के कच्चे बाबा श्मशान में बच्चे ने अपनी मां को मुखाग्नि दी.
लुधियाना से अयोध्या के सफर में उजड़ी दुनिया
मासूम बच्चे ने बताया कि वह अपनी मां के साथ लुधियाना में रहता था. उसके पिता ने दूसरी शादी कर ली थी और वे कहीं अलग रहने लगे थे. बीमार मां अपने बच्चे को लेकर लुधियाना से ट्रेन द्वारा अयोध्या के लिए निकली थी और मनकापुर में लावारिस हालत में मिली, जहां से एम्बुलेंस ने उसे अस्पताल पहुंचाया.
अब कैसा है मासूम और क्या होगा आगे?
जिला प्रोबेशन अधिकारी संतोष कुमार सोनी ने बताया कि बच्चे को पुलिस और चाइल्डलाइन के सहयोग से बाल कल्याण समिति (CWC) के सामने पेश किया गया है. फिलहाल बच्चे को बाल शिशु गृह में सुरक्षित रखवाया गया है. यहां बच्चे के रहने, खाने और पढ़ाई-लिखाई समेत सभी जरूरी व्यवस्थाएं सरकार द्वारा की जाएंगी. पुलिस और प्रशासन की टीमें अभी भी बच्चे के अन्य परिवार वालों की खोजबीन में जुटी हैं.
ADVERTISEMENT










