नोएडा: उत्तर प्रदेश के नोएडा स्थित सेक्टर-57 में मजदूरों का आक्रोश अब उग्र आंदोलन में बदल चुका है. वेतन और ग्रेड निर्धारण में हो रही कथित धांधली के खिलाफ महिला और पुरुष श्रमिक एक साथ लामबंद हो गए हैं. प्रदर्शनकारियों का साफ कहना है कि जब तक उनकी ग्रेडिंग और सैलरी की विसंगतियां दूर नहीं होतीं, वे पीछे नहीं हटेंगे.
ADVERTISEMENT
ग्रेड का गणित: मजदूरों ने लगाया 'वेतन चोरी' का आरोप
प्रदर्शनकारी श्रमिकों ने सैलरी स्ट्रक्चर का ब्यौरा देते हुए कंपनियों पर गंभीर आरोप लगाए हैं. उनका कहना है कि:
- पुराना ग्रेड बनाम वर्तमान सैलरी: पुराने ग्रेड के अनुसार श्रमिकों को 17,000 रुपये मिलने चाहिए थे, लेकिन उन्हें केवल 13,900 रुपये ही थमाए जा रहे हैं.
- नए ग्रेड की मांग: श्रमिकों का दावा है कि नया ग्रेड 28,000 रुपये का है, जिसे अभी तक लागू नहीं किया गया है. वेतन में इस भारी अंतर के कारण मजदूरों के सामने गंभीर आर्थिक संकट खड़ा हो गया है.
ओवरटाइम का दबाव और 'नौकरी से निकालने' की धमकी
वेतन के अलावा कामकाजी परिस्थितियों को लेकर भी मजदूरों का गुस्सा चरम पर है. प्रदर्शनकारियों ने आरोप लगाया कि:
- ओवरटाइम का शोषण: काम का दबाव बहुत अधिक है, लेकिन ओवरटाइम का उचित भुगतान नहीं किया जा रहा है.
- नियमों का उल्लंघन: संडे (रविवार) को काम करने पर दोगुना वेतन मिलना चाहिए, जो उन्हें नहीं मिल रहा है.
- धमकी भरा रवैया: अगर कोई श्रमिक अपने हक की मांग करता है, तो उसे सीधे तौर पर नौकरी से निकालने की धमकी देकर चुप करा दिया जाता है.
महंगाई की मार और आर्थिक बेबसी
प्रदर्शन में शामिल महिला श्रमिकों ने बताया कि बढ़ते किराए, राशन और बच्चों की पढ़ाई के बीच इतने कम वेतन में गुजारा करना नामुमकिन हो गया है. महंगाई ने श्रमिकों की कमर तोड़ दी है, जिससे उनकी हालत दिन-ब-दिन खराब होती जा रही है. मौके पर मौजूद पुलिस प्रशासन फिलहाल प्रदर्शनकारियों से बातचीत कर स्थिति को शांत करने की कोशिश में जुटा है.
ADVERTISEMENT









