मुकेश सहनी को पुलिस ने किया हाउस अरेस्ट और शाहजहांपुर जाने पर लगाई पाबंदी, 'VIP' प्रमुख बोले- 'यह लोकतंत्र पर हमला'

Mukesh Sahani News: विकासशील इंसान पार्टी (VIP) के प्रमुख मुकेश सहनी को शाहजहांपुर और मिर्जापुर दौरे से रोके जाने पर यूपी में सियासी घमासान। सहनी ने योगी सरकार पर 'अघोषित आपातकाल' और निषाद समाज के आरक्षण की आवाज़ दबाने का गंभीर आरोप लगाया है.

Mukesh Sahni

Mukesh Sahni (File Photo)

यूपी तक

• 11:21 AM • 29 Jun 2026

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Mukesh Sahani News: विकासशील इंसान पार्टी (वीआईपी) के संस्थापक और बिहार के पूर्व मंत्री मुकेश सहनी के उत्तर प्रदेश दौरे को लेकर सूबे में सियासी घमासान छिड़ गया है. शाहजहांपुर और अन्य जनपदों के प्रस्तावित दौरे पर जाने से रोके जाने के बाद मुकेश सहनी ने उत्तर प्रदेश सरकार और प्रशासन पर बेहद गंभीर आरोप लगाए हैं. वीआईपी प्रमुख ने इस कार्रवाई को “लोकतंत्र की भावना के खिलाफ” बताते हुए राज्य में 'अघोषित आपातकाल' जैसी स्थिति होने का दावा किया है.

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पुलिस ने कानून-व्यवस्था का हवाला देकर लखनऊ में रोका

पार्टी द्वारा जारी आधिकारिक बयान के मुताबिक, पुलिस अधीक्षक (SP) शाहजहाँपुर के एक पत्र के आधार पर प्रशासन ने यह निर्देश जारी किया है. पत्र में कहा गया है कि मुकेश सहनी के जनपद भ्रमण से “कानून-व्यवस्था एवं सामाजिक सौहार्द प्रभावित होने की आशंका” है. इसी इनपुट के आधार पर वीआईपी प्रमुख को लखनऊ में ही रोके जाने की बात कही गई है और उनके आवागमन पर कड़ी निगरानी रखने के निर्देश दिए गए हैं. आज सहनी का मिर्जापुर में भी एक प्रेस कॉन्फ्रेंस और रात्रि प्रवास का कार्यक्रम तय था.

'असहमति की आवाज़ों से डर गई है सरकार'

प्रशासनिक पाबंदी पर तीखी प्रतिक्रिया देते हुए मुकेश सहनी ने कहा कि सरकार जनता के चुने हुए और जनहित में कार्य करने वाले नेताओं की आवाज़ को दबाने का प्रयास कर रही है. उन्होंने यूपी सरकार पर लोकतांत्रिक मूल्यों के हनन का आरोप लगाते हुए कहा, “सरकार अब लोगों के आने-जाने पर प्रतिबंध लगा रही है, जो सीधे तौर पर लोकतंत्र पर हमला है. यदि किसी जनप्रतिनिधि को अपने कार्यक्रम में जाने से रोका जाता है, तो यह स्पष्ट करता है कि सरकार चर्चा और संवाद से भाग रही है और असहमति की आवाज़ों से भयभीत है.”

निषाद आरक्षण की लड़ाई और तेज करने का एलान

वीआईपी प्रमुख मुकेश सहनी ने इस पूरी कार्रवाई को एक बड़े राजनीतिक एजेंडे से जोड़ते हुए कहा कि असल में निषाद समाज के हक, अधिकार और आरक्षण की लड़ाई को रोकने की कोशिश की जा रही है. उन्होंने साफ लहजे में चेतावनी देते हुए कहा, “इस तरह की पाबंदियों से हमारा आंदोलन कमजोर नहीं होगा. निषाद समाज अब पूरी तरह जाग चुका है और अपने सम्मान एवं अधिकारों की लड़ाई आख़िरी दम तक लड़ेगा.” वीआईपी ने स्पष्ट किया है कि सरकार की इस कार्रवाई से जनता के बीच असंतोष और बढ़ेगा, लेकिन पार्टी लोकतांत्रिक तरीके से अपना संघर्ष जारी रखेगी.

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