Noida International Airport Fact Check: सोशल मीडिया पर वायरल कई वीडियो और उससे जुड़े तमाम दावों ने नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट को लेकर भ्रम की स्थिति पैदा कर दी है. कुछ यूजर्स ने दावा किया है कि मॉनसून की पहली बारिश ने ही करोड़ों रुपये की लागत से बने एयरपोर्ट की पोल खोल दी है. वहीं एयरपोर्ट प्रबंधन ने इन दावों को पूरी तरह गलत और भ्रामक बताया है.
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दरअसल, सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर कई यूजर्स ने वीडियो शेयर करते हुए दावा किया कि पहली ही बारिश के बाद नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट के पैसेंजर टर्मिनल में पानी भर गया. एक X यूजर ने लिखा कि "मानसून की पहली बारिश ने नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट की पोल खोल दी."
वहीं दूसरे यूजर ने तंज कसते हुए लिखा,
"यह नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट है, जहां बारिश के बाद का नजारा देख लीजिए. ऐसा अद्भुत संयोग कम ही देखने को मिलेगा, जहां हवाई जहाज और बारिश के दिनों में पानी के जहाज एक साथ चलाने की व्यवस्था की गई है."
एक अन्य पोस्ट में दावा किया गया,
"Noida International Airport, moments after 15 minutes of rainfall. Cost: ₹29,500 crore. Modi inaugurated this international airport just 3 months ago."
इन पोस्ट्स के जरिए यह संदेश देने की कोशिश की गई कि हल्की बारिश के बाद ही एयरपोर्ट परिसर में जलभराव हो गया और एयरपोर्ट की गुणवत्ता पर सवाल खड़े हो गए.
क्या वायरल दावा सही है?
नहीं. उपलब्ध आधिकारिक जानकारी के आधार पर सोशल मीडिया पर किया जा रहा यह दावा सही नहीं है. इन वायरल पोस्ट्स के बाद Noida International Airport के आधिकारिक X अकाउंट से बयान जारी किया गया. एयरपोर्ट प्रशासन ने साफ कहा कि सोशल मीडिया पर फैलाया जा रहा दावा फर्जी है.
एयरपोर्ट की ओर से जारी बयान में कहा गया,
"हम सोशल मीडिया पर वायरल उस वीडियो से अवगत हैं जिसमें दावा किया जा रहा है कि नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट के पैसेंजर टर्मिनल के अंदर बाढ़ जैसी स्थिति है."
इसके बाद एयरपोर्ट ने स्पष्ट किया,
"यह दावा पूरी तरह गलत है. वीडियो में कहीं भी जलभराव नहीं दिख रहा है. जो दिखाई दे रहा है, वह टर्मिनल की चमकदार फर्श पर पड़ने वाला विजुअल रिफ्लेक्शन (Reflection) है. एयरपोर्ट पूरी तरह संचालित है और सभी सिस्टम तय मानकों के अनुसार काम कर रहे हैं."
एयरपोर्ट ने लोगों से क्या अपील की?
नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट ने मीडिया संस्थानों और सोशल मीडिया यूजर्स से अपील की कि किसी भी वीडियो या जानकारी को साझा करने से पहले उसकी पुष्टि जरूर करें. एयरपोर्ट प्रशासन ने कहा कि बिना पुष्टि के भ्रामक जानकारी फैलाने से यात्रियों और अन्य संबंधित पक्षों के बीच अनावश्यक भ्रम पैदा हो सकता है.साथ ही यात्रियों से कहा गया कि वे किसी भी जानकारी के लिए केवल एयरपोर्ट के आधिकारिक संचार माध्यमों पर ही भरोसा करें.
फैक्ट चेक का निष्कर्ष
सोशल मीडिया पर वायरल वीडियो के साथ यह दावा किया गया कि पहली बारिश में नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट के अंदर पानी भर गया और एयरपोर्ट की व्यवस्था फेल हो गई. लेकिन एयरपोर्ट प्रशासन ने आधिकारिक रूप से इन दावों का खंडन किया है. एयरपोर्ट के मुताबिक वीडियो में दिख रहा दृश्य जलभराव नहीं बल्कि चमकदार फर्श पर पड़ने वाला प्रतिबिंब (Reflection) है. साथ ही एयरपोर्ट ने कहा है कि उसकी सभी सेवाएं सामान्य रूप से संचालित हो रही हैं. ऐसे में उपलब्ध आधिकारिक जानकारी के आधार पर वायरल दावा भ्रामक पाया जाता है.
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