Noida Ground Report: दिल्ली-एनसीआर में पिछले 24 घंटे से मौसम का मिजाज बदला हुआ है. लगातार हो रही झमाझम बारिश ने लोगों को भीषण गर्मी से राहत तो दी है. लेकिन उत्तर प्रदेश की हाईटेक सिटी कहे जाने वाले नोएडा को जलमग्न कर दिया है. बारिश के कारण नोएडा प्राधिकरण के ड्रेनेज सिस्टम और नालों की सफाई के बड़े-बड़े दावों की हवा निकल गई है. हालात इतने बदतर हैं कि सड़कों पर भारी जलभराव के साथ-साथ कई जगहों पर पेड़ गिरने से ट्रैफिक पूरी तरह ठप हो गया है. सबसे हैरान करने वाली बात यह है कि संकट के इस समय में भी घंटों तक न तो अथॉरिटी का कोई कर्मचारी जमीन पर दिखा और न ही ट्रैफिक को संभालने के लिए पुलिस का कोई जवान.
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सेक्टर 105 में बीच सड़क गिरा विशाल पेड़
नोएडा के सेक्टर 105 के मुख्य मार्ग पर बारिश के चलते एक बड़ा पेड़ जड़ से उखड़कर बीच सड़क पर आ गिरा. इस वजह से मुख्य मार्ग पूरी तरह से ब्लॉक हो गया और पीछे से आ रहीं सैकड़ों गाड़ियां फंस गईं. मजबूरन वाहन चालकों को बीच सड़क से ही गाड़ियों को बैक कर यू-टर्न लेना पड़ा. रास्ता बंद होने के कारण बगल की वन-वे रोड पर दोनों तरफ से गाड़ियां चलने लगीं जिससे वहां भी जाम की स्थिति पैदा हो गई.
ग्राउंड रिपोर्ट से बड़ा खुलासा
यूपी Tak की ग्राउंड रिपोर्ट के अनुसार, पेड़ को गिरे हुए करीब 3 से 4 घंटे बीत चुके थे. लेकिन मौके पर न तो नोएडा अथॉरिटी का कोई दस्ता पहुंचा और न ही यातायात व्यवस्था संभालने के लिए कोई ट्रैफिक पुलिसकर्मी मौजूद था. लोग खुद ही जोखिम उठाकर अपने रास्तों को बदलने की मशक्कत करते दिखे. सवाल उठता है कि कम से कम कोई ट्रैफिक कर्मी तो होना चाहिए था जो फंसे हुए लोगों को सही और वैकल्पिक रास्ता बता सके.
सेक्टर 104 और 107 की मुख्य सड़कें बनीं तालाब
पेड़ गिरने की समस्या के अलावा जलभराव ने भी शहर की रफ्तार पर ब्रेक लगा दिया है. नोएडा के सेक्टर 104 और सेक्टर 107 के मुख्य मार्गों का हाल सबसे ज्यादा बुरा है. पूरी सड़कें तालाब में तब्दील हो चुकी हैं. सड़कों पर कई फीट पानी जमा होने के कारण दोपहिया और चारपहिया वाहन चालकों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है. कई गाड़ियां पानी के बीच ही बंद हो गईं, जिसके चलते लोगों को धक्का मारकर अपनी गाड़ियां निकालते देखा गया.
नोएडा और ग्रेटर नोएडा में दावों की खुली पोल
हाईटेक सिटी नोएडा और ग्रेटर नोएडा की ये तस्वीरें साफ गवाही दे रही हैं कि मॉनसून या बारिश से पहले किए जाने वाले सरकारी इंतजाम सिर्फ कागजों तक ही सीमित थे. स्थानीय लोगों का कहना है कि प्राधिकरण हर साल नालों को साफ रखने और जलभराव रोकने के बड़े-बड़े दावे करता है. लेकिन हर बार की पहली ही तेज बारिश इन दावों की पोल खोलकर रख देती है. सड़कों और गलियों में हुए इस जलभराव ने अब शहर की रफ्तार और प्रशासन की कार्यशैली दोनों पर बड़े सवाल खड़े कर दिए हैं.
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