Chandauli News: मवई खुर्द स्थित सरकारी बंजर और पोखरे की भूमि पर कथित अवैध कब्जे एवं प्लॉटिंग का मामला एक बार फिर चर्चा में है. गांव निवासी संतोष कुमार द्वारा तहसीलदार को दिए गए प्रार्थना पत्र के बाद अब सिविल कोर्ट चंदौली के अधिवक्ता अवधेश कुमार यादव ने भी प्रशासन पर गंभीर आरोप लगाते हुए तत्काल कार्रवाई की मांग की है.
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संतोष कुमार ने तहसीलदार को दिए प्रार्थना पत्र में आरोप लगाया है कि मवई खुर्द की कई आराजी संख्या की भूमि सरकारी अभिलेखों में बंजर दर्ज है, लेकिन उस पर कुछ लोगों ने अवैध कब्जा कर झुग्गी, झोपड़ी और पक्के निर्माण कर लिए हैं. आरोप है कि कथित भू-माफिया फर्जी अथवा गलत आराजी संख्या दिखाकर बाहरी लोगों को जमीन बेच रहे हैं.
उन्होंने बताया कि इस संबंध में पहले भी कई बार जिलाधिकारी, उपजिलाधिकारी और अन्य अधिकारियों को शिकायत दी जा चुकी है, लेकिन अब तक प्रभावी कार्रवाई नहीं हुई. शिकायत में स्थानीय राजस्व कर्मियों की मिलीभगत का भी आरोप लगाया गया है.
इधर, इस मामले में वीडियो बयान जारी करते हुए सिविल कोर्ट चंदौली के अधिवक्ता अवधेश कुमार यादव ने दावा किया कि मवई खुर्द में लगभग 30 बीघा सरकारी बंजर और पोखरे की भूमि पर कब्जा किया गया है. उन्होंने कहा कि नगर पालिका और प्रशासन अन्य स्थानों पर पोखरों की तलाश कर रहा है, लेकिन इस भूमि की ओर ध्यान नहीं दिया जा रहा है.
अधिवक्ता ने आरोप लगाया कि समाधान दिवस पर शिकायत देने के बावजूद कोई कार्रवाई नहीं हुई. उन्होंने क्षेत्रीय लेखपाल, कानूनगो सहित कुछ प्रशासनिक अधिकारियों पर कथित मिलीभगत का आरोप लगाते हुए कहा कि भू-माफियाओं को संरक्षण दिया जा रहा है.
उन्होंने यह भी दावा किया कि शिकायत करने के बाद उन्हें जान से मारने की धमकियां दी जा रही हैं तथा उनका पीछा कर डराने-धमकाने का प्रयास किया जा रहा है. उनका कहना है कि एक जिम्मेदार नागरिक होने के नाते उन्होंने सरकारी भूमि को बचाने के उद्देश्य से शिकायत की है.
अवधेश कुमार यादव ने प्रशासन से मांग की कि संबंधित भूमि का राजस्व अभिलेखों के आधार पर सीमांकन कराकर तत्काल अतिक्रमण हटाया जाए, अवैध कब्जाधारकों से अर्थदंड की वसूली की जाए तथा यदि भूमि पोखरा है तो उसका पुनर्जीवन कराया जाए. यदि वह बंजर भूमि है तो उसका उपयोग गरीबों के आवास, सार्वजनिक पार्क अथवा बच्चों के खेल मैदान के रूप में किया जाए.
वहीं, संतोष कुमार ने अपने प्रार्थना पत्र में उत्तर प्रदेश राजस्व संहिता, 2006 की धारा 67 के तहत अतिक्रमण हटाने, संबंधित लोगों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई करने तथा पुलिस बल की सहायता से सरकारी भूमि को कब्जामुक्त कराने की मांग की है. शिकायत की प्रतिलिपि जिलाधिकारी, उपजिलाधिकारी, तहसीलदार और संबंधित लेखपाल को भी भेजी गई है.
हालांकि, समाचार लिखे जाने तक प्रशासन की ओर से इन आरोपों पर कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया या कार्रवाई की पुष्टि नहीं हो सकी है.
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