उत्तर प्रदेश के बरेली में एक महिला की शिकायत के बाद पुलिस विभाग में हड़कंप मच गया है. महिला ने बारादरी थाने में तैनात रहे उपनिरीक्षक नरेश बाबू पर नौकरी और शादी का झांसा देकर कई बार रेप करने, जबरन गर्भपात कराने, रुपये लेने और जान से मारने की धमकी देने का आरोप लगाया है. शिकायत मिलने के बाद वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक अनुराग आर्य ने आरोपी दरोगा को निलंबित कर मामले की जांच के आदेश दे दिए हैं.
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पति से विवाद के दौरान हुई थी मुलाकात
महिला ने अपने शिकायती पत्र में बताया कि साल 2022 से उसका अपने पति के साथ पारिवारिक विवाद चल रहा है और वह अलग रह रही है. इसी दौरान वह कार्रवाई के सिलसिले में बारादरी थाने पहुंची, जहां उसकी मुलाकात उपनिरीक्षक नरेश बाबू से हुई. महिला का आरोप है कि दरोगा ने पहले उसके पति के खिलाफ कार्रवाई कराने का भरोसा दिया. इसके बाद पुलिस विभाग में अच्छी पहचान होने और नौकरी दिलाने का वादा कर उससे नजदीकियां बढ़ाईं. महिला के मुताबिक, दारोगा ने उससे कहा था, "तुम बहुत खूबसूरत हो, तुम्हारे लिए अपनी पत्नी को छोड़ दूंगा."
सरकारी क्वार्टर में रेप और शादी का झांसा देने का आरोप
पीड़िता का आरोप है कि आरोपी उसे सरकारी क्वार्टर ले गया और वहां कई बार उसके साथ रेप किया. जब उसने वरिष्ठ अधिकारियों से शिकायत करने की बात कही तो आरोपी ने शादी और पुलिस में नौकरी दिलाने का झांसा देकर उसे चुप करा दिया. महिला ने यह भी आरोप लगाया कि बाद में आरोपी उससे रुपये लेने लगा.
जबरन गर्भपात कराने और धमकी देने का है आरोप
शिकायत में महिला ने आरोप लगाया है कि आरोपी ने उसका जबरन गर्भपात भी कराया. विरोध करने पर उसने पुलिस विभाग में अपने प्रभाव का डर दिखाते हुए उसे और उसके परिवार को जान से मारने की धमकी दी.
महिला ने पत्नी और बेटे पर भी मारपीट का आरोप
महिला का आरोप है कि एक दिन आरोपी की पत्नी और बेटा उसके पास पहुंचे और उसके साथ मारपीट की. शिकायत दर्ज कराने के बाद भी उसे लगातार डराया-धमकाया जा रहा है.
SSP ने किया सस्पेंड, जांच जारी
मामले की शिकायत मिलने के बाद वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक अनुराग आर्य ने आरोपी उपनिरीक्षक को निलंबित कर दिया है. पुलिस अधिकारियों का कहना है कि पूरे मामले की जांच कराई जा रही है. जांच में आरोप सही पाए जाने पर आरोपी के खिलाफ नियमानुसार सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी.
जरूरी बात: यह खबर महिला की शिकायत और पुलिस द्वारा दी गई जानकारी पर आधारित है. आरोपों की पुष्टि जांच पूरी होने और कानूनी प्रक्रिया के बाद होगी.
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