Ballia News: कोर्ट के स्टे के बाद भी नहीं रुका निर्माण, बलिया में पीड़ित ने लगाया कब्जे की कोशिश का आरोप, उच्चाधिकारियों से लगाई गुहार

Newzo

• 03:46 PM • 04 Jul 2026

Ballia Land Dispute News: कोर्ट के स्थगन आदेश के बावजूद निर्माण जारी रहने के आरोप ने बलिया में प्रशासनिक कार्यशैली पर सवाल खड़े कर दिए हैं. पीड़ित का दावा है कि न्यायालय के निर्देशों की अनदेखी कर जमीन पर कब्जे की कोशिश हो रही है. कार्रवाई न होने से न्याय की उम्मीद लिए पीड़ित ने उच्चाधिकारियों से हस्तक्षेप की गुहार लगाई है.

 कोर्ट के स्टे के बाद भी नहीं रुका निर्माण, बलिया में पीड़ित ने लगाया कब्जे की कोशिश का आरोप, उच्चाधिकारियों से लगाई गुहार

कोर्ट के स्टे के बाद भी नहीं रुका निर्माण, बलिया में पीड़ित ने लगाया कब्जे की कोशिश का आरोप, उच्चाधिकारियों से लगाई गुहार

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Ballia Land Dispute News: उत्तर प्रदेश के बलिया जिले से एक हैरान कर देने वाला मामला सामने आया है. मौजा गौरी निवासी पीड़ित हरिशंकर यादव ने आरोप लगाया है कि न्यायालय द्वारा जारी स्थगन आदेश के बावजूद दबंगों द्वारा उनकी जमीन पर जबरन मकान का निर्माण किया जा रहा है और स्थानीय प्रशासन मूकदर्शक बना हुआ है.

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पीड़ित हरिशंकर यादव का कहना है कि उनकी जमीन (मौजा गौरी अराजी संख्या 320, रकबा 0.1820 हेक्टेयर) के संबंध में न्यायालय उपजिलाधिकारी, सिकंदरपुर में धारा 176 के तहत विचाराधीन है. इस मामले में न्यायालय ने 6 अगस्त 2007 को स्थगन आदेश पारित किया था, जिसमें वाद के निस्तारण तक यथास्थिति बनाए रखने का स्पष्ट निर्देश दिया गया था.

न्यायालय के आदेश का हो रहा उल्लंघन

हरिशंकर यादव का आरोप है कि हीरालाल, मुन्नीलाल, छोटेलाल सहित अन्य विपक्षीगण न्यायालय के आदेश का उल्लंघन कर रहे है. पीड़ित का दावा है कि उन्होंने इस संबंध में पुलिस अधीक्षक और अन्य उच्चाधिकारियों को प्रार्थना पत्र देकर सूचित किया है, लेकिन कोई कार्रवाई नहीं हुई है.

जबरदस्ती जमीन पर क़ब्ज़ा का आरोप

पीड़ित ने आरोप लगाया कि प्रशासन और पुलिस बल का इस्तेमाल करके जबरदस्ती उनकी जमीन पर कब्जा करने की कोशिश की जा रही है. उन्होंने अपना दर्द बयां करते हुए कहा, आज जिस तरह से पुलिसिया कार्रवाई चल रही है, इससे हम बिल्कुल सन्तुष्ट नहीं है.

पीड़ित का प्रशासन से सवाल

हरिशंकर यादव ने प्रशासन से सवाल करते हुए कहा कि यदि जमीन का मामला न्यायालय में विचाराधीन है और स्थगन आदेश प्रभावी है, तो आखिर किसकी शह पर निर्माण कार्य हो रहा है? उन्होंने चेतावनी दी कि जब तक उन्हें न्याय नहीं मिलता और न्यायालय द्वारा जमीन का निस्तारण नहीं किया जाता, तब तक वे चुप नहीं बैठेंगे.