Amethi Murder Case: गौरीगंज के चर्चित अंकित कश्यप हत्याकांड में करीब 40 घंटे बाद बुधवार को परिजन अंतिम संस्कार के लिए राजी हुए. हालांकि, अंतिम संस्कार से पहले उस समय तनाव की स्थिति बन गई, जब परिजन शव को ठेले पर रखकर कस्बे की ओर ले जाने लगे. पुलिस ने बीच रास्ते में उन्हें रोक दिया, जिसके बाद दोनों पक्षों के बीच तीखी नोकझोंक हुई.
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गौरीगंज कोतवाली क्षेत्र के अमेठी रोड स्थित मानसिंह का पुरवा में सोमवार रात अंकित कश्यप की गला रेतकर हत्या कर दी गई थी. पुलिस के अनुसार, यह मामला अंतरजातीय प्रेम विवाह से जुड़ी रंजिश का है. इस मामले में तीन आरोपियों को मौके से गिरफ्तार कर जेल भेजा जा चुका है, जबकि मुख्य आरोपी सुखई यादव को पुलिस मुठभेड़ के बाद गिरफ्तार किया गया था.
घटना के बाद से परिजन शव को सड़क पर रखकर प्रदर्शन कर रहे थे.उनकी मांग थी कि परिवार को एक करोड़ रुपये का मुआवजा और एक सदस्य को सरकारी नौकरी दी जाए. पुलिस और प्रशासन की ओर से लगातार समझाने के बाद बुधवार को परिजन अंतिम संस्कार के लिए तैयार हुए.
इस दौरान परिजन शव को ठेले पर लादकर कस्बे की ओर ले जाने लगे, जिसे पुलिस ने बीच रास्ते में रोक दिया. इसके बाद करीब आधे घंटे तक पुलिस और परिजनों के बीच नोकझोंक और गहमागहमी का माहौल बना रहा. बाद में क्षेत्राधिकारी (सीओ) और कोतवाली प्रभारी ने परिजनों को समझाकर शांत कराया, जिसके बाद शव को अंतिम संस्कार के लिए रवाना किया गया.
पुलिस अधिकारियों ने बताया कि मामले के सभी आरोपी न्यायिक हिरासत में हैं. क्षेत्र में शांति व्यवस्था बनाए रखने के लिए भारी पुलिस बल तैनात किया गया है. प्रशासन ने परिजनों को हरसंभव सहायता का आश्वासन दिया है.
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