तलवे पर मार मारकर तोड़ी गई हड्डी फिर उखाड़ लिए गए नाखून! आगरा में दूध बेचने वाले नरेंद्र के साथ ये पुलिसिया बर्बरता दहला देगी

नरेंद्र का आरोप है कि चौकी प्रभारी ने उसे जमीन पर गिराकर बेरहमी से पीटा. इसके बाद सिपाहियों ने उसके पैरों के तलवों पर लाठियों से मारा जिससे उसके पैर की हड्डी टूट गई. आरोप ये भी है कि इस दौरान नरेंद्र के पैर का नाखून भी उखाड़ा गया. इस दौरान पीड़ित रहम की भीख मांगता रहा लेकिन पुलिस का दिल नहीं पसीजा.

Narendra kushwaha

अरविंद शर्मा

05 Jan 2026 (अपडेटेड: 05 Jan 2026, 11:27 AM)

follow google news

Agra News: उत्तर प्रदेश के आगरा में एक बार फिर पुलिस की बर्बरता की हिला देने वाली कहानी सामने आई है. छत्ता थाना क्षेत्र की जीवनी मंडी पुलिस चौकी प्रभारी रविंद्र कुमार पर आरोप लगा है कि उन्होंने नरेंद्र नाम के एक युवक को थाने में ले जाकर जमकर मारपीट की है. आरोप है कि इस दौरान नरेंद्र के पैर के तलवों पर डंडे बरसवाए गए जिससे उसके पैर की हड्डी टूट गई. इसके साथ ही उसके नाखून भी उखाड़े गए. इस दौरान युवक जोर-जोर से चींख रहा था. लेकिन किसी ने उसपर रहम नहीं किया. लेकिन जैसे ही यह मामला डीसीपी सिटी तक पहुंचा वैसे ही आरोपी चौकी इंचार्ज को सस्पेंड कर दिया गया.

यह भी पढ़ें...

दूध बांटने का काम करता है नरेंद्र

पीड़ित नरेंद्र कुशवाहा अपने भाई धीरज के साथ घर-घर दूध बांटने का काम करता है. घटना के दिन जब उसका भाई दूध बांटने गया था तभी जीवनी मंडी चौकी इंचार्ज रविंद्र कुमार किसी झगड़े की सूचना पर मौके पर पहुंचे थे. इस दौरान उन्होंनें कुछ युवकों को पकड़कर टेंपो में बैठाकर थाने चलने को कहा. आरोप है कि जब नरेंद्र ने कहा कि उसे ड्राइविंग नहीं आती तो चौकी इंचार्ज रविंद्र कुमार आगबबूला हो गए और उसे पीटते हुए चौकी ले आए.

थाने में बंद करके पीटा गया?

नरेंद्र का आरोप है कि चौकी प्रभारी ने उसे जमीन पर गिराकर बेरहमी से पीटा. इसके बाद सिपाहियों ने उसके पैरों के तलवों पर लाठियों से मारा जिससे उसके पैर की हड्डी टूट गई. आरोप ये भी है कि इस दौरान नरेंद्र के पैर का नाखून भी उखाड़ा गया. इस दौरान पीड़ित रहम की भीख मांगता रहा लेकिन पुलिस का दिल नहीं पसीजा. आरोप है कि पुलिसकर्मियों ने नरेंद्र की जेब से 1800 रुपये और उसका मोबाइल फोन भी छीन लिया. जुल्म को छिपाने के लिए पुलिस ने घायल नरेंद्र का शांति भंग की धारा में चालान कर उसे जेल भेज दिया. जमानत पर बाहर आने के बाद पीड़ित ने बीजेपी नेता और परिजनों के साथ डीसीपी सिटी से गुहार लगाई.

चौकी प्रभारी को किया गया सस्पेंड

मामला तूल पकड़ते ही आगरा पुलिस कमिश्नरेट ने एक्शन लिया है. डीसीपी सिटी सैयद अली अब्बास की जांच में चौकी प्रभारी रविंद्र कुमार की भूमिका संदिग्ध पाई गई जिसके बाद उन्हें तत्काल निलंबित कर दिया गया है. गौरव राठी को चौकी का नया प्रभार सौंपा गया है. एसपी छत्ता को अन्य दोषी पुलिसकर्मियों की पहचान कर कार्रवाई के निर्देश दिए गए हैं.'

ये भी पढ़ें: जाट की बेटी हूं, ऐसी 50 थार खरीद सकती हूं...गाजियाबाद में खुलेआम दरोगा के सामने दो युवकों के साथ गाली-गलौज करती ये महिला कौन है?

 

    follow whatsapp