गाजियाबाद के इंदिरापुरम से एक दिल दहला देने वाली खबर सामने आई है, जहां एक हाईराइज सोसाइटी की 16वीं मंजिल से गिरकर 18 साल की युवती की मौत हो गई. इस घटना ने पूरे जिले को हिला कर रख दिया है. एक तरफ पुलिस इसे आत्महत्या का मामला बता रही है, तो वहीं परिजनों ने पुलिस और प्रशासन पर बेहद गंभीर और रूह कंपा देने वाले आरोप लगाए हैं.
ADVERTISEMENT
परिजनों का फूटा गुस्सा
सोशल मीडिया पर वायरल एक वीडियो में मृतका की परिजन रोते-बिलखते हुए पुलिस प्रशासन को कोस रही हैं. उनका आरोप है कि पुलिस ने जबरदस्ती घर से बॉडी उठाई और परिजनों के साथ धक्का-मुक्की की. परिजनों का कहना है, "बाप और भाई ने तो कंधे तक नहीं दिए, पुलिस वाले उनसे शव छीनकर भाग गए. हमसे जबरदस्ती एग्रीमेंट लिखवाया गया." परिवार का आरोप है कि पुलिस रेप के सबूत मिटाने के लिए जल्दबाजी में अंतिम संस्कार कराना चाहती थी.
रेप या सुसाइड? पुलिस और परिवार की थ्योरी में टकराव
परिजनों का दावा है कि लड़की के कपड़े फटे हुए थे, जो इस बात की ओर इशारा करते हैं कि उसके साथ गलत हुआ है. वहीं, पुलिस की थ्योरी कुछ और ही कहती है. पुलिस के मुताबिक:
- CCTV फुटेज: पुलिस का दावा है कि सीसीटीवी में लड़की लिफ्ट में अकेले दाखिल होते और ऊपर के फ्लोर तक अकेले जाते दिख रही है.
- पोस्टमार्टम रिपोर्ट: पुलिस का कहना है कि शुरुआती पोस्टमार्टम रिपोर्ट में रेप की पुष्टि नहीं हुई है.
सड़क पर शव रखकर प्रदर्शन, लगा लंबा जाम
पुलिस की कार्यप्रणाली से नाराज परिजनों ने सड़क पर शव रखकर जोरदार प्रदर्शन किया. इस दौरान 'इंसाफ चाहिए' के नारों से पूरा इलाका गूंज उठा. प्रदर्शन की वजह से सड़कों पर लंबा जाम लग गया. मौके पर भारी पुलिस बल, एनडीआरएफ (NDRF) और एसडीआरएफ (SDRF) की टीमें भी मौजूद रहीं. स्थिति तब और तनावपूर्ण हो गई जब पुलिस और परिजनों के बीच शव ले जाने को लेकर तीखी झड़प हुई.
पुलिस का आधिकारिक बयान
गाजियाबाद पुलिस ने परिजनों के आरोपों को निराधार बताया है. पुलिस का कहना है कि 7 अप्रैल की सुबह घटना की सूचना मिली थी, जिसके बाद फॉरेंसिक टीम ने साक्ष्य जुटाए. पुलिस के अनुसार, 8 अप्रैल को परिजनों की सहमति और पूरे विधि-विधान के साथ ही अंतिम संस्कार संपन्न कराया गया है. शव छीनने की बात पूरी तरह असत्य है और मामले में वैधानिक कार्रवाई की जा रही है.
ADVERTISEMENT









