उत्तर प्रदेश के फर्रुखाबाद में रिश्तों के कत्ल और पुलिसिया लापरवाही की एक ऐसी दास्तां सामने आई है, जिसने पूरे इलाके को झकझोर कर रख दिया है. 20 जुलाई 2025 से लापता ओमवीर राठौर का सात महीने बाद नरकंकाल बरामद हुआ है. जिस दोस्त पर ओमवीर सबसे ज्यादा भरोसा करता था, उसी ने शराब के नशे में उसकी जान ले ली और लाश को खेत में दफन कर दिया.
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शराब की महफिल और फिर खौफनाक अंत
पुलिस गिरफ्त में आए मुख्य आरोपी रामू यादव ने जुर्म कबूलते हुए बताया कि उसने ओमवीर को शराब पिलाने के बहाने बुलाया था. रामू के मुताबिक, ओमवीर ने उसकी बहन के साथ कथित तौर पर छेड़छाड़ की थी, जिसका बदला लेने के लिए उसने गला घोंटकर उसकी हत्या कर दी. हत्या के बाद साक्ष्य मिटाने के इरादे से उसने शव को सुनसान खेत में गहरा गड्ढा खोदकर दबा दिया.
एनकाउंटर में दूसरा आरोपी गिरफ्तार
इस मामले की गुत्थी सुलझाते हुए पुलिस ने एक अन्य फरार आरोपी सुरजीत की घेराबंदी की. इस दौरान हुई मुठभेड़ में सुरजीत को गोली लगी और उसे गिरफ्तार कर लिया गया. पुलिस की कई टीमें इस हत्याकांड के हर पहलू की बारीकी से जांच कर रही हैं.
लापरवाही की गाज, कई पुलिस अधिकारी सस्पेंड
ओमवीर के परिजनों का आरोप है कि अगर पुलिस ने शुरुआत में सक्रियता दिखाई होती, तो शायद मामला इतना जटिल नहीं होता. 7 महीने की देरी और शुरुआती लापरवाही को गंभीरता से लेते हुए प्रशासन ने बड़ी कार्रवाई की है. थाने के कुछ आला अधिकारियों को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया गया है.
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