बंगाल के CM सुवेंदु अधिकारी के PA हत्याकांड में बलिया का राज सिंह गिरफ्तार, बहन ने पेश किए बेगुनाही के ये सबूत

पश्चिम बंगाल के हाई-प्रोफाइल हत्याकांड में बलिया के राज सिंह की भूमिका आई सामने. कोलकाता पुलिस ने अयोध्या में ज्वाइंट ऑपरेशन कर शूटर को पकड़ा. बहन ने सीसीटीवी दिखा भाई को बताया बेकसूर.

यूपी तक

• 01:50 PM • 14 May 2026

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पश्चिम बंगाल के कद्दावर नेता और मुख्यमंत्री सुवेंदु अधिकारी के करीबी माने जाने वाले पी चंद्रनाथ रथ की हत्या का मामला अब उत्तर प्रदेश के बलिया जिले से जुड़ गया है. इस हत्याकांड की जांच जैसे-जैसे आगे बढ़ रही है, इसके तार यूपी के शूटर्स और गहरी राजनीतिक साजिश की ओर इशारा कर रहे हैं. कोलकाता पुलिस ने यूपी पुलिस के साथ एक ज्वाइंट ऑपरेशन में मुख्य आरोपी राज सिंह को अयोध्या से गिरफ्तार किया है.

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बलिया कनेक्शन और बहन का 'सीसीटीवी' दावा

बलिया के रहने वाले राज सिंह की गिरफ्तारी के बाद उसके परिवार ने पुलिसिया कार्रवाई पर सवाल उठाए हैं. राज की बहन दीपशिखा का दावा है कि उसका भाई बेकसूर है और उसे साजिश के तहत फंसाया जा रहा है.

  • अलबाई (Alibi) का सबूत: दीपशिखा ने मीडिया के सामने सीसीटीवी फुटेज और कैश रिसिप्ट पेश करते हुए दावा किया कि जिस रात बंगाल में हत्या हुई, उस वक्त राज सिंह बलिया में ही मौजूद था.
  • पुलिस की थ्योरी: इसके विपरीत, कोलकाता पुलिस का कहना है कि राज सिंह के खिलाफ उनके पास तकनीकी और पुख्ता सबूत मौजूद हैं. अयोध्या में पकड़े जाने के बाद, शुरुआती इनकार के बाद राज ने अपना जुर्म कबूलना शुरू कर दिया है.

अयोध्या में ज्वाइंट ऑपरेशन और गिरफ्तारी

कोलकाता पुलिस की एक विशेष टीम ने उत्तर प्रदेश में डेरा डाला और अयोध्या से राज सिंह व उसके दो अन्य साथियों को धर दबोचा. पुलिस अब राज सिंह से पूछताछ कर रही है ताकि इस हत्याकांड के 'मास्टरमाइंड' और सुपारी देने वाले असली चेहरों का पता लगाया जा सके. पुलिस को संदेह है कि यह महज एक अपराधी की करतूत नहीं, बल्कि एक बड़ी राजनीतिक सुपारी (Contract Killing) का हिस्सा है.

बंगाल में राजनीतिक तूफान

पी. चंद्रनाथ रथ की हत्या ने पश्चिम बंगाल की राजनीति में उबाल ला दिया है. मुख्यमंत्री सुवेंदु अधिकारी के करीबी होने के कारण इस मामले ने सत्ता पक्ष और विपक्ष के बीच जुबानी जंग तेज कर दी है.

  • जांच का दायरा: पुलिस इस बात की जांच कर रही है कि शूटर्स को बलिया से कोलकाता किसने बुलाया? उन्हें हथियार और रहने की सुविधा किसने मुहैया कराई?
  • मकसद: हत्या के पीछे राजनीतिक प्रतिद्वंद्विता है या कोई व्यक्तिगत रंजिश, इसकी परतें राज सिंह के बयानों से खुलने की उम्मीद है.

जटिल होती जांच की गुत्थी

एक तरफ पुलिस के पुख्ता सबूतों का दावा है, तो दूसरी तरफ परिवार की ओर से पेश किए गए सीसीटीवी फुटेज. इन विरोधाभासों के बीच कोलकाता पुलिस राज सिंह से गिरोह के अन्य सदस्यों और साजिश के केंद्र में मौजूद 'सफेदपोश' चेहरों की जानकारी जुटा रही है. यह मामला न केवल अंतर्राज्यीय अपराध बल्कि राजनीतिक हिंसा के गंभीर खतरे को भी दर्शाता है.