उत्तर प्रदेश के अमरोहा जिले से दर्दनाक मामला सामने आया है. आरोप है कि यहां गुलफिजा नामक विवाहिता को दहेज की मांग पूरी नहीं होने पर तेजाब पिलाने पीला दिया गया. गुलफिजा 17 दिनों तक अस्पताल में जिंदगी और मौत के बीच झूलती रही. अफसोस गुलफिजा को बचाया न जा सके और उसकी मौत हो गई. पुलिस ने इस मामले में मुकदमा दर्ज कर शव का पोस्टमॉर्टम कराया है. इस मामले में हत्या की धाराओं में केस दर्ज करने का दावा किया जा रहा है.
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क्या है पूरा मामला?
मुरादाबाद जिले के पाकबड़ा थाना इलाके के रहने वाले फुरकान ने अपनी बेटी गुलफिजा का निकाह अमरोहा के डिडौली कोतवाली इलाके के काला खेड़ा गांव में किया था. निकाह के बाद गुलफिजा के ससुराल वालों ने उसपर दहेज का दबाव बनाना शुरू कर दिया. आरोप है कि दहेज की मांग पूरी ना होने पर ससुरालियों ने विवाहिता गुलफिजा को जबरन तेजाब पिला दिया. इसके बाद आनन-फानन में उसे अस्पताल में भर्ती कराय गया, जहां इलाज के 17 दिन बाद उसने दम तोड़ दिया. पोस्टमॉर्टम मुरादाबाद में हुआ है.
जानकारी के मुताबिक, करीब एक साल पहले गुलफिजा की शादी परवेज से हुई थी. शादी के बाद से ही पति, सास, ससुर और अन्य परिजन दहेज की मांग कर रहे थे. दहेज न मिलने पर गुलफिजा को लगातार प्रताड़ित किया जाता रहा था. आरोप है 11 अगस्त को ससुरालियों ने मिलकर गुलफिजा को तेजाब पिला दिया. गंभीर हालत में परिजन उसे अस्पताल ले गए, जहां 17 दिन तक इलाज चला. लेकिन आखिरकार उसकी मौत हो गई. इससे पहले, पीड़िता के पिता की तहरीर पर पुलिस ने पति परवेज समेत ससुराल पक्ष के खिलाफ दहेज उत्पीड़न, मारपीट और अन्य धाराओं में मुकदमा दर्ज किया था. अब पीड़िता की मौत के बाद आरोपियों पर हत्या की धाराएं भी बढ़ सकती हैं.
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