खेसारी-पवन सिंह और निरहुआ के लिए कैसा रहा साल 2025... इनकी लड़ाई वाली सारी बतियां जान लीजिए

खेसारी लाल यादव की राजनीति में एंट्री ने भोजपुरी के सुपरस्टार्स को दो खेमों में बांट दिया जिससे न केवल रिश्तों में कड़वाहट आई बल्कि पूरी इंडस्ट्री की साख पर भी सवाल खड़े हुए. साल 2025 अब खत्म हो चुका है.

pawan singh and khesari

pawan singh and khesari

दीक्षा सिंह

31 Dec 2025 (अपडेटेड: 31 Dec 2025, 05:33 PM)

follow google news

साल 2025 भोजपुरी इंडस्ट्री के लिए कुछ खास साबित नहीं हुआ.भोजपुरी इंडस्ट्री में भूचाल नजर आया.खेसारी लाल यादव की राजनीति में एंट्री ने भोजपुरी के सुपरस्टार्स को दो खेमों में बांट दिया जिससे न केवल रिश्तों में कड़वाहट आई बल्कि पूरी इंडस्ट्री की साख पर भी सवाल खड़े हुए. साल 2025 अब खत्म हो चुका है. ऐसे में आइए जानते हैं कि भोजपुरी स्टार्स के वह बयान जो साल 2025 में काफी चर्चा में भी रहे और जिसने भोजपुरी इंडस्ट्री को दो भागों में बांट दिया.

यह भी पढ़ें...

आरजेडी की टिकट से चुनाव लड़े थे खेसारी लाल यादव

साल 2025 का अंत होते-होते भोजपुरी इंडस्ट्री की तस्वीर पूरी तरह बदल चुकी है. एक तरफ खेसारी लाल यादव थे जो अकेले आरजेडी (RJD) के टिकट पर छपरा से चुनाव लड़ रहे थे. वहीं दूसरी तरफ बीजेपी की पावर ब्रिगेड थी जिसमें रवि किशन, मनोज तिवारी, दिनेश लाल यादव और पवन सिंह जैसे दिग्गज शामिल थे. खेसारी को चुनावी मैदान में हार का सामना तो करना पड़ा ही. लेकिन उससे ज्यादा नुकसान इंडस्ट्री हुआ.क्योंकिल कल तक जो एक्टर्स आपस में दोस्त थे अब उनके बीच कड़वाहट आ गई है.

राम मंदिर और 'यदुमुल्ला' विवाद

इस साल सबसे ज्यादा चर्चा खेसारी लाल यादव के उस बयान की रही जो उन्होंने राम मंदिर पर दिया था. खेसारी ने सवाल उठाया था कि 'राम मंदिर में पढ़कर मैं प्रोफेसर बन जाऊंगा क्या? वहां अस्पताल बनता तो इलाज होता.' इस बयान ने बिहार की राजनीति और भोजपुरी इंडस्ट्री में आग लगा दी.उनके इस बयान पर दिनेश लाल यादव उर्फ निरहुआ ने तीखा पलटवार करते हुए उन्हें यदुमुल्ला तक कह दिया. निरहुआ का तर्क था कि राम मंदिर का विरोध करने वाला यादव नहीं हो सकता.

आइडेंटिटी की लड़ाई

यह विवाद यहीं नहीं रुका. खेसारी लाल यादव ने मनोज तिवारी और रवि किशन की पहचान पर सवाल उठाते हुए उन्हें आसाराम बापू का शिष्य और प्रवचनकर्ता कह डाला. खेसारी ने कहा कि 'ये लोग मुझे जुबान से छोटा करना चाहते हैं. लेकिन जो लड़कर बड़ा हुआ है उसे कैसे छोटा करोगे? उनके ग्रुप के लोग खुद को क्या समझते हैं?' जवाब में रवि किशन और पवन सिंह ने भी खेसारी को जमकर लताड़ा. रवि किशन ने खेसारी पर भोजपुरी इंडस्ट्री को बदनाम करने और उसे बंद होने की कगार पर लाने का आरोप लगाया. उन्होंने कहा कि जिस भोजपुरी को हम राष्ट्रीय पुरस्कारों तक ले गए थे.इन लोगों की विचारधारा ने उसे जंगलराज वाली राजनीति के साथ जोड़कर बर्बाद कर दिया.

रवि किशन ने सवाल उठाया कि आज भोजपुरी सिनेमा की हालत ऐसी क्यों हो गई कि थिएटरों में दर्शक नहीं हैं? उन्होंने सीधा हमला बोलते हुए कहा कि 'जो लोग सनातनी विचारधारा और मां जानकी के मंदिर का विरोध कर रहे हैं जनता उनकी जमानत जब्त कर देगी.' पवन सिंह ने भी खेसारी पर निशाना साधते हुए उन्हें हिंदू विरोधी और आस्था के साथ खिलवाड़ करने वाला बताया.