दिल्ली के ग्रीन पार्क में हरीश राणा का अंतिम संस्कार हुआ. परिवार ने उनकी अस्थियां हरिद्वार और हिमाचल प्रदेश ले जाने का निर्णय लिया है. इस दौरान परिवार वालों की भावुकता साफ देखी गई. उनके भाई आशीष राणा और पिता अशोक राणा इस कठिन समय में खुद को संभालने की कोशिश कर रहे हैं. परिवार ने पहली रात काफी मुश्किल से बिताई, बिना हरीश के उनका जीवन जगजाहिर है.
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अस्थियां हरिद्वार में गंगा नदी में प्रवाहित की जाएंगी जहां परिवार के सदस्य दिवंगत की आत्मा की शांति के लिए सभी जरूरी संस्कार करेंगे. आशीष राणा का अपने बड़े भाई के लिए टूटना स्वाभाविक है और पूरे परिवार ने मजबूती से इस दुःख का सामना किया है.
हरिद्वार में गंगा में अस्थियां प्रवाहित करने के बाद परिवार हिमाचल प्रदेश स्थित अपने पैतृक गांव जाएगा जहां 13वीं संस्कार की रस्म पूरी होगी. यह घटनाक्रम परिवार के लिए एक बहुत ही चुनौतीपूर्ण समय है, साथ ही यह उनके लिए संजीवनी का भी स्रोत है जहां वे शोक को सहने और आगे बढ़ने का दम पा रहे हैं.
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