Akash Anand: बहुजन समाज पार्टी सुप्रीमो मायावती द्वारा आकाश आनंद को पार्टी से बाहर किए जाने के बाद अब यूपी की दलित सियासत में हलचल तेज हो गई है. अब इस राजनीतिक ड्रामे में एक नया मोड़ आया है. नगीना से सांसद और आजाद समाज पार्टी के प्रमुख चंद्रशेखर आजाद ने आकाश आनंद को अपनी पार्टी में शामिल होने का खुला ऑफर दे दिया है. चंद्रशेखर के इस बयान के बाद सियासी गलियारों में चर्चाएं तेज हो गई हैं कि क्या अब यूपी में मायावती के सामने उनका ही परिवार खड़ा होगा. मायावती ने भी साफ कर दिया है कि अब उनके परिवार का कोई भी लड़का पार्टी में किसी पद पर नहीं रहेगा. ऐसे में सभी की निगाहें अब आकाश आनंद के अगले कदम पर टिकी हैं.
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चंद्रशेखर ने कहा- आकाश के लिए रास्ते खुले
लखनऊ में दिए गए एक बयान में चंद्रशेखर आजाद ने कहा कि आकाश आनंद के लिए आजाद समाज पार्टी के दरवाजे हमेशा खुले हैं. उन्होंने कहा, 'अगर वे बहुजन महापुरुषों के विचार को आगे बढ़ाना चाहते हैं, तो आएँ, हम सब मिलकर काम करेंगे और अधूरे कामों को पूरा करेंगे.' चंद्रशेखर ने यह भी कहा कि भले ही आकाश ने अतीत में उनकी कितनी भी आलोचना की हो, लेकिन उन्होंने हमेशा आकाश को अपना छोटा भाई माना है. चंद्रशेखर का यह बयान ऐसे समय आया है जब 2027 के विधानसभा चुनाव धीरे-धीरे करीब आ रहे हैं और दलित राजनीति में नए समीकरण बन रहे हैं.
अखिलेश यादव ने भी दिया था बड़ा संकेत
सिर्फ चंद्रशेखर ही नहीं, बल्कि समाजवादी पार्टी के अध्यक्ष अखिलेश यादव भी आकाश आनंद को लेकर बड़ा बयान दे चुके हैं. हाल ही में एक कार्यक्रम के दौरान जब अखिलेश से पूछा गया कि अगर आकाश आनंद सपा में आना चाहें तो क्या उन्हें जगह मिलेगी. इस पर अखिलेश ने कहा था, 'अगर तुम लेकर आओगे तो जरूर ले लेंगे. उनसे बातचीत करेंगे.' हालांकि यह कोई औपचारिक न्योता नहीं था, लेकिन इससे यह स्पष्ट हो गया है कि सपा की तरफ से भी आकाश के लिए दरवाजे पूरी तरह बंद नहीं हैं.
मायावती ने बेटों की नो-एंट्री का किया ऐलान
इन सब के बीच मायावती ने एक बार फिर कड़ा संदेश दिया है. उन्होंने स्पष्ट किया है कि उनके भाई आनंद कुमार के किसी भी बेटे को बीएसपी में कोई पद नहीं दिया जाएगा. मायावती ने कहा कि मजबूरी में उन्हें अपने छोटे भाई आनंद कुमार को साथ रखना पड़ा, लेकिन इसका फायदा उनके परिवार के अन्य लोग उठाएं, यह पार्टी के हित में नहीं है. उन्होंने कहा कि जरूरत पड़ने पर आनंद कुमार अपनी इकलौती बेटी कुमारी दीपिका आनंद की मदद ले सकते हैं, जो अभी वकालत पढ़ रही हैं. लेकिन आकाश या ईशान आनंद समेत किसी भी बेटे को अब पार्टी में कोई जिम्मेदारी नहीं मिलेगी.
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