उत्तर प्रदेश में इन दिनों एलपीजी (LPG) सिलेंडर की किल्लत और उसे लेकर मची मारामारी की खबरों के बीच मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कड़ा रुख अपनाया है. प्रदेश के कई जिलों से गैस एजेंसियों पर भारी भीड़, मारपीट और कालाबाजारी की खबरें सामने आने के बाद सरकार अब एक्शन मोड में है. आपको बता दें कि गोरखपुर के पीपीगंज क्षेत्र में गैस सिलेंडर के लिए ग्राहकों के बीच जमकर मारपीट हुई, जिसका वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो गया है.
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इसी तरह श्रावस्ती में एक गैस एजेंसी पर 4 दिन से चक्कर काट रही एक महिला भीड़ और धक्का-मुक्की के कारण बेहोश हो गई. अमेठी में बेटी की शादी के लिए सिलेंडर न मिलने पर एक लाचार पिता अधिकारियों के सामने गिड़गिड़ाता नजर आया. अयोध्या की राम रसोई और काशी विश्वनाथ के प्रसाद तक पर इस संकट का असर देखा जा रहा है.
सीएम योगी का बड़ा एक्शन और निर्देश
यूपी सीएम योगी आदित्यनाथ ने स्पष्ट किया है कि प्रदेश में डीजल, पेट्रोल या रसोई गैस की कोई कमी नहीं है. उन्होंने जनता से अफवाहों से बचने की अपील की है. उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए हैं कि यदि कोई गैस वितरक या व्यक्ति कालाबाजारी या जमाखोरी करता पाया जाता है, तो उसके खिलाफ तत्काल एफआईआर (FIR) दर्ज कर कठोर कार्रवाई की जाए. गोरखपुर में ब्लैक मार्केटिंग के आरोप में एक गैस एजेंसी मालिक और दो कर्मचारियों को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया गया है.
केंद्र सरकार और पेट्रोलियम मंत्रालय का पक्ष
पेट्रोलियम मंत्री हरदीप सिंह पुरी ने भी देश में गैस की कमी की खबरों को खारिज किया है. कालाबाजारी रोकने के लिए नए नियम बनाए गए हैं, जिसके तहत ग्रामीण इलाकों में 45 दिन और शहरी इलाकों में 25 दिन के अंतराल पर ही दूसरे सिलेंडर की बुकिंग हो सकेगी. भीड़ बढ़ने का एक बड़ा कारण सर्वर डाउन होना भी बताया जा रहा है, जिससे ऑनलाइन बुकिंग नहीं हो पा रही है और लोग सीधे एजेंसियों पर पहुंच रहे हैं.
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