Chandrashekhar Azad Arrest Warrant: आजाद समाज पार्टी के नेता और सांसद चंद्रशेखर आजाद की मुश्किलें बढ़ गई हैं. गाजियाबाद की एमपी-एमएलए कोर्ट ने आठ साल पुराने एक मारपीट के मामले में उनके खिलाफ गैर-जमानती (नॉन बेलेबल) गिरफ्तारी वारंट जारी किया है. बार-बार समन भेजे जाने के बावजूद कोर्ट में पेश न होने पर न्यायालय ने यह सख्त कदम उठाया है.
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शादी समारोह में हुआ था विवाद
करीब आठ साल पहले एक शादी समारोह के दौरान चंद्रशेखर आजाद पर एक व्यक्ति को थप्पड़ मारने का गंभीर आरोप लगा था. इस घटना को लेकर साहिबाबाद पुलिस ने उनके खिलाफ भारतीय दंड संहिता (IPC) की धारा 332 और 305 के तहत मुकदमा दर्ज किया था. जिस समय यह घटना हुई थी, उस समय चंद्रशेखर आजाद सांसद नहीं थे.
लगातार गैरहाजिरी पर कोर्ट हुआ सख्त
इस मामले में पुलिस और अदालत की तरफ से कई बार समन भेजे गए, लेकिन चंद्रशेखर आजाद ने कोर्ट में पेश होना उचित नहीं समझा. पीड़ित पक्ष के वकील ने बताया कि आजाद लगातार अदालत की अवहेलना कर रहे हैं और फरार चल रहे हैं. इससे पहले भी उनकी गैरहाजिरी के कारण वारंट जारी हो चुका था. अब वकील की तरफ से कोर्ट में संपत्ति की कुर्की करने की भी प्रार्थना की गई है.
राजनीतिक छवि पर पड़ सकता असर
अदालत ने स्पष्ट कर दिया है कि यदि अगली सुनवाई में भी वह पेश नहीं हुए, तो आगे की कड़ी कानूनी कार्रवाई की जाएगी. सांसद होने के बावजूद कोर्ट में यह मामला लंबित रहने से इसे राजनीतिक रूप से काफी संवेदनशील माना जा रहा है. माना जा रहा है कि इस विवाद और गिरफ्तारी वारंट का सीधा असर चंद्रशेखर आजाद की राजनीतिक छवि और उनके करियर पर भी पड़ सकता है.
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