योगी आदित्यनाथ सरकार की विद्युत सखी योजना के तहत महिलाएं गांव-गांव जाकर बिजली बिल जमा करती हैं और इसके बदले कमीशन पाती हैं. इस योजना से महिलाएँ आर्थिक रूप से आत्मनिर्भर बन रही हैं और परिवार की जिम्मेदारियों में योगदान दे रही हैं. सहाना बेगम जैसी महिलाएं यह साबित कर रही हैं कि सही जानकारी और प्रयास से ग्रामीण महिलाएं आर्थिक रूप से सशक्त हो सकती हैं.
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सहाना बेगम एक साधारण गृहणी से विद्युत सखी बन कर हर महीने अच्छी कमाई कर रही हैं. शुरूआत में उन्हें लोगों तक अपनी सेवा पहुंचाने में दिक्कत आई, लेकिन मेहनत और लगन से अब उनकी आय ₹20,000 तक पहुंच गई है. यह योजना महिलाओ को अपने गांव में ही रोजगार देती है जिससे उन्हें शहरों में जाने की जरूरत नहीं पड़ती.
विद्युत सखी बनने के बाद महिलाओं का आत्मविश्वास भी बढ़ा है. वे घर की आर्थिक स्थिति को मजबूत कर रही हैं और बच्चों की पढ़ाई तक मे योगदान कर रही हैं. योगी सरकार की यह पहल ग्रामीण क्षेत्रों में महिला सशक्तिकरण की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है.
सरकार स्वयं सहायता समूहों के माध्यम से महिलाओं को जोड़कर नए रोजगार के अवसर प्रदान कर रही है. विद्युत सखी योजना से महिलाएं न केवल आमदनी कर रही हैं, बल्कि समाज में सम्मान भी पा रही हैं. यह योजना ग्रामीण महिला समाज के आत्मनिर्भर बनने की प्रेरणा बन चुकी है.
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