Jyotirmath Shankaracharya Case: सरस्वती के खिलाफ इलाहाबाद की एडीजी रेप एंड पॉक्सो स्पेशल कोर्ट ने एफआईआर दर्ज करने का आदेश दिया है. अदालत ने उपलब्ध साक्ष्यों, नाबालिगों के बयानों और प्रस्तुत सामग्री को देखते हुए मामले में विस्तृत जांच की आवश्यकता बताई है. यह मुकदमा प्रयागराज के झूसी थाने में दर्ज किया जाएगा. कोर्ट के इस आदेश के बाद धार्मिक और सामाजिक हलकों में हलचल तेज हो गई है.
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एडीजी रेप एंड पॉक्सो कोर्ट के जज विनोद कुमार चौरसिया ने सुनवाई के बाद यह निर्देश जारी किया. इस मामले में उनके शिष्य स्वामी मुकुंदानंद गिरी को भी आरोपी बनाया गया है. याचिकाकर्ता आशुतोष ब्रह्मचारी द्वारा दायर प्रार्थना पत्र में आरोप लगाया गया है कि बनारस स्थित आश्रम में नाबालिग बच्चों के साथ यौन शोषण और लैंगिक अपराध किए जाते थे. आरोपों के अनुसार, गुरु सेवा और शिक्षा के नाम पर बच्चों को रात में कमरे में ले जाकर आपत्तिजनक कृत्य किए जाते थे. मामले में दो अलग-अलग शपथ पत्रों का मुद्दा भी उठाया गया है.
वहीं, स्वामी अभिमुक्तेश्वरानंद ने इन सभी आरोपों को सिरे से खारिज करते हुए उन्हें झूठा और साजिश करार दिया है. उनका कहना है कि वे गौ माता की रक्षा के लिए आवाज उठा रहे हैं और उनकी लखनऊ यात्रा को रोकने की कोशिश की जा रही है. उन्होंने उच्च स्तरीय और निष्पक्ष जांच की मांग की है तथा कहा है कि उन्हें स्थानीय पुलिस की जांच पर पूरा भरोसा नहीं है लेकिन न्यायालय में सत्य सामने आएगा. अब आगे की कार्रवाई न्यायालय के निर्देशों के तहत की जाएगी.
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