अयोध्या में राम मंदिर चढ़ावा विवाद ने पकड़ा तूल, SIT को एक साथ चंपत राय, अनिल मिश्रा और गोपाल राओ ने ये सब बताया...

यूपी तक

• 11:12 AM • 03 Jul 2026

Ram Mandir Chadhava Scam: अयोध्या राम मंदिर में चढ़ावा और वित्तीय अनियमितताओं के मामले की जांच SIT द्वारा तेज कर दी गई है। 8 घंटे की गहन जांच के बाद ट्रस्ट के प्रमुख सदस्यों चंपत राय, अनिल मिश्रा और गोपाल राव से लंबी पूछताछ की गई.

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Ram Mandir Chadhava Scam: अयोध्या स्थित राम मंदिर में चढ़ावा चोरी और वित्तीय अनियमितताओं के मामले ने एक बार फिर तूल पकड़ लिया है. इस मामले की जांच कर रही एसआईटी (SIT) ने 2 जुलाई को लगभग 8 घंटे तक मंदिर परिसर में गहन जांच-पड़ताल की. इस दौरान ट्रस्ट से जुड़े कई अहम दस्तावेजों की जांच की गई और प्रमुख पदाधिकारियों से लंबी पूछताछ हुई. जांच में सामने आए नए तथ्यों के बाद मामला और उलझता नजर आ रहा है.

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मंदिर परिसर में 8 घंटे की गहन जांच

एसआईटी की टीम ने पूरे मंदिर परिसर में व्यवस्थाओं का बारीकी से निरीक्षण किया. जांच के दौरान चढ़ावे से जुड़े ऑडिट दस्तावेज, रिकॉर्ड और वित्तीय कागजात अपने कब्जे में लिए गए. अधिकारियों ने दान संग्रह से लेकर बैंक में जमा प्रक्रिया तक कई महत्वपूर्ण बिंदुओं की जांच की. सूत्रों के अनुसार, इस जांच में कई ऐसे सवाल सामने आए जिनका स्पष्ट जवाब नहीं मिल सका, जिसके बाद आगे पूछताछ का दायरा बढ़ने की संभावना जताई जा रही है.

चंपत राय, अनिल मिश्रा और गोपाल राव से लंबी पूछताछ

सूत्रों के मुताबिक, ट्रस्ट के पूर्व महासचिव चंपत राय, सदस्य अनिल मिश्रा और गोपाल राव से एसआईटी ने करीब 4 घंटे तक पूछताछ की. जांच के दौरान इनसे चढ़ावे के ऑडिट, दान की गिनती, बैंकिंग प्रक्रिया और लेखांकन से जुड़े सवाल पूछे गए. हालांकि बताया जा रहा है कि पूछताछ में कई जवाब संतोषजनक नहीं मिले, जिससे जांच एजेंसियों की शंका और गहरी हो गई है.

तीनों ने किन पर लगाया आरोप

सूत्रों के अनुसार पूछताछ में चंपत राय, अनिल मिश्रा और गोपाल राव ने अपनी भूमिका से साफ इनकार किया. तीनों ने कथित तौर पर टिन्नू यादव और सुभाष श्रीवास्तव पर मामले की जिम्मेदारी डालते हुए उनका नाम लिया. हालांकि एसआईटी को उनके जवाब पूरी तरह स्पष्ट और संतोषजनक नहीं लगे.

ऑडिट रिकॉर्ड और वित्तीय जांच पर फोकस

एसआईटी अब ट्रस्ट के पिछले 5 वर्षों के ऑडिट रिकॉर्ड, वित्तीय दस्तावेज और बैंकिंग विवरण की गहन जांच कर रही है.

जांच एजेंसी यह पता लगाने की कोशिश कर रही है कि-

चढ़ावे की गणना में कोई गड़बड़ी हुई या नहीं
बैंक में जमा प्रक्रिया सही तरीके से हुई या नहीं
लेखांकन में किसी प्रकार की अनियमितता तो नहीं

सूत्रों के अनुसार कई जरूरी दस्तावेज अभी तक जांच एजेंसी को उपलब्ध नहीं कराए गए हैं.

जांच का दायरा बढ़ा, पुलिस भी सक्रिय

अब इस मामले में केवल एसआईटी ही नहीं बल्कि पुलिस की अलग से जांच भी चल रही है. दोनों एजेंसियां मिलकर मामले की तह तक पहुंचने में जुटी हैं. सूत्रों के अनुसार, पुलिस टीम ने आरोपी अविनाश शुक्ला के प्रतापगढ़ स्थित गांव में भी पूछताछ की और कुछ दस्तावेज बरामद किए.

संपत्तियों और अवैध निर्माण पर भी नजर

जांच अब आरोपियों की संपत्तियों तक पहुंच गई है. कई स्थानों पर छापेमारी की जा रही है और नकदी व अन्य सामग्री भी बरामद की जा रही है. सूत्रों के अनुसार, एक आरोपी लवकुश का मकान अवैध पाया गया है, जिस पर बुलडोजर कार्रवाई की संभावना भी जताई जा रही है.