यूपी चुनाव से पहले 'चिकन पार्टी' पर सियासत गरमाई, नवरात्रि में सपा नेताओं के वीडियो पर बीजेपी-सपा आमने सामने

यूपी तक

• 04:33 PM • 16 Oct 2026

नवरात्रि के दौरान समाजवादी पार्टी नेताओं की नॉन वेज पार्टी वीडियो वायरल होने से राजनीतिक विवाद तेज हुआ. बीजेपी ने सपा पर दोहरे मापदंड का आरोप लगाया.

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उत्तर प्रदेश में विधानसभा चुनावों की सरगर्मी जैसे-जैसे तेज हो रही है राजनीतिक दलों के बीच जुबानी जंग भी परवान चढ़ने लगी है. इसी बीच, नवरात्रि के पावन पर्व के दौरान समाजवादी पार्टी (SP) के वरिष्ठ नेताओं का एक नॉन-वेज (चिकन) पार्टी करते हुए वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो गया है. इस वायरल वीडियो ने राज्य की राजनीति में भूचाल ला दिया है जहां एक तरफ बीजेपी इसे सपा का 'सनातन विरोधी' चरित्र बता रही है, वहीं समाजवादी पार्टी ने इसे बीजेपी का दोहरा मापदंड करार दिया है.

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क्या है पूरा मामला और वायरल वीडियो?

यह पूरा विवाद उत्तर प्रदेश के पीलीभीत जिले से जुड़ा हुआ है. समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय महासचिव एवं राज्यसभा सांसद रामजीलाल सुमन हाल ही में एक पीडीए (पिछड़ा, दलित, अल्पसंख्यक) सम्मेलन में शामिल होने पीलीभीत गए थे.

मोहम्मद आरिफ का आवास: इस दौरान कार्यक्रम के बाद वह पीलीभीत सदर विधानसभा सीट से पार्टी के दावेदार मोहम्मद आरिफ के घर एक दावत में शामिल हुए. सोशल मीडिया पर वायरल इस वीडियो में रामजीलाल सुमन और अन्य सपा नेता कथित तौर पर चिकन पार्टी का आनंद लेते नजर आ रहे हैं. चूंकि यह घटना नवरात्रि के दिनों की बताई जा रही है, इसलिए इसने राजनीतिक तूल पकड़ लिया है.

बीजेपी का तीखा हमला और अखिलेश यादव के 'सॉफ्ट हिंदुत्व' पर सवाल

सत्ताधारी भारतीय जनता पार्टी ने इस मुद्दे पर समाजवादी पार्टी को आड़े हाथों लिया है.

दोहरे चरित्र का आरोप: बीजेपी का दावा है कि एक तरफ पार्टी प्रमुख अखिलेश यादव मंदिरों में जाकर 'सॉफ्ट हिंदुत्व' की छवि गढ़ने और हिंदू वोटों को साधने की कोशिश कर रहे हैं, वहीं दूसरी तरफ उनके वरिष्ठ नेता पवित्र नवरात्रि के दौरान सार्वजनिक रूप से मांसाहार का सेवन कर रहे हैं.

खानपान और नैतिकता पर सवाल: बीजेपी नेताओं का कहना है कि यह वीडियो सपा के सोचे-समझे राजनीतिक विरोधाभास और हिंदू आस्था के प्रति उनकी उदासीनता को उजागर करता है.

समाजवादी पार्टी का पलटवार

बीजेपी के तीखे हमलों का जवाब देते हुए समाजवादी पार्टी और उसके स्थानीय नेताओं ने सत्ता पक्ष पर पलटवार किया है.

दोहरे मापदंड का आरोप: सपा ने बीजेपी पर निशाना साधते हुए कहा कि बीजेपी नेता अक्सर अपने राजनीतिक दौरों या अन्य अवसरों (जैसे पश्चिम बंगाल चुनाव के दौरान मंदिरों में जाकर मछली-भात खाना) पर अपनी सुविधा के अनुसार नियम तय करते हैं, लेकिन विरोधियों के खानपान को मुद्दा बनाकर राजनीति करते हैं.

दलितों और पिछड़ों के अपमान का मुद्दा: सपा ने यह भी आरोप लगाया कि इस तरह के मुद्दों को तूल देकर बीजेपी असल मुद्दों से जनता का ध्यान भटकाना चाहती है.