विनीत मनोचा हत्याकांड में सुब्रत पर बढ़ा पुलिस का फोकस! विशाल से 309 बार बातचीत, 1000 पन्नों की CDR खंगाली

यूपी तक

• 04:47 PM • 16 Sep 2026

कानपुर के फार्मास्युटिकल कारोबारी विनीत मनोचा हत्याकांड की जांच में पुलिस को कई नए डिजिटल सुराग मिले हैं. अब जांच कारोबारी के बेटे सुब्रत तक पहुंच गई है.

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Kanpur Vineet Minocha Murder Case: कानपुर के फार्मास्युटिकल कारोबारी विनीत मनोचा हत्याकांड की जांच में पुलिस को कई नए डिजिटल सुराग मिले हैं. अब जांच कारोबारी के बेटे सुब्रत तक पहुंच गई है. पुलिस के मुताबिक कथित शूटर विशाल गौतम ने हत्या से दो दिन पहले यानी 3 सितंबर को नया सिम खरीदा था. इसी नंबर से सुब्रत को छह बार कॉल की गई. पुलिस ने सुब्रत, शालू और विशाल से जुड़े सात मोबाइल नंबरों के करीब 1,000 पन्नों के कॉल डिटेल रिकॉर्ड खंगाले हैं. 1 मई से 5 सितंबर के बीच सुब्रत और विशाल के बीच करीब 309 बार बातचीत होने की बात सामने आई है.

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हत्या से पहले नए नंबर से सुब्रत को छह कॉल

पुलिस के अनुसार विशाल ने 3 सितंबर को नया सिम लिया था और 5 सितंबर की रात विनीत मनोचा की हत्या हुई. जांच में सामने आया कि इसी नए नंबर से शालू से बातचीत की गई और सुब्रत को भी छह बार फोन किया गया. अब पुलिस यह पता लगाने की कोशिश कर रही है कि हत्या से ठीक पहले लिए गए नए नंबर से सुब्रत को कॉल क्यों की गई थी. पुलिस इस पहलू को अहम मानकर सुब्रत की संभावित भूमिका समेत पूरे घटनाक्रम की जांच कर रही है. हालांकि अभी पुलिस की जांच जारी है और किसी निष्कर्ष की आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है.

1000 पन्नों के कॉल रिकॉर्ड में 309 बार बातचीत

पुलिस ने मामले की कड़ियां जोड़ने के लिए सात मोबाइल नंबरों के कॉल डिटेल रिकॉर्ड जुटाए हैं. ये रिकॉर्ड करीब 1,000 पन्नों के बताए जा रहे हैं. पुलिस 1 मई से 6 सितंबर तक की मोबाइल गतिविधियों का विश्लेषण कर रही है. रिकॉर्ड के मुताबिक 1 मई से 5 सितंबर के बीच सुब्रत और विशाल के बीच करीब 309 बार बातचीत हुई. पुलिस उपायुक्त पश्चिम एसएम कासिम अबिदी ने कहा, 'कॉल रिकॉर्ड का विश्लेषण किया जा रहा है. इसका उद्देश्य हत्या से पहले और बाद में हुई बातचीत की प्रकृति को समझना है.' इसके साथ ही मोबाइल की गूगल हिस्ट्री और इंटरनेट सर्च भी जांच का हिस्सा है.

रिमांड मिलने पर आमने-सामने होगी पूछताछ

पुलिस ने शालू और विशाल की कस्टडी रिमांड मांगी है. पुलिस आयुक्त रघुबीर लाल के मुताबिक दो दिन के भीतर रिमांड मिलने की संभावना है. रिमांड मिलने पर दोनों आरोपियों से सुब्रत को आमने-सामने बैठाकर पूछताछ की जा सकती है. पुलिस आरोपियों के बयानों में सामने आ रहे अंतर को सीसीटीवी फुटेज से मिलाकर देख रही है. खास तौर पर सुब्रत के उस बयान की भी जांच हो रही है, जिसमें उसने परिसर में दाखिल हुए व्यक्ति की पहचान विशाल के रूप में करने की बात कही थी. फिलहाल पुलिस का कहना है कि हर डिजिटल साक्ष्यों को जोड़कर हत्या के पीछे की पूरी सच्चाई सामने लाने की कोशिश की जा रही है.