Mukhyamantri Abhyudaya Yojana: उत्तर प्रदेश के युवाओं को प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी के लिए अब बड़े शहरों का रुख नहीं करना पड़ेगा और न ही आर्थिक तंगी उनके सपनों में रुकावट बनेगी. मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की सरकार द्वारा शुरू की गई 'मुख्यमंत्री अभ्युदय योजना' छोटे शहरों और ग्रामीण इलाकों के होनहार विद्यार्थियों के लिए एक वरदान साबित हो रही है. इस योजना के जरिए ऐसे युवाओं को निशुल्क कोचिंग और सही मार्गदर्शन दिया जा रहा है, जो पढ़ाई में तेज तो हैं, लेकिन महंगी कोचिंग का खर्च नहीं उठा सकते. कानपुर देहात जैसे जिलों में भी अब इस योजना के माध्यम से छात्र अपने घर के पास ही एसएससी, बैंकिंग जैसी प्रतियोगी परीक्षाओं की बेहतरीन तैयारी कर रहे हैं.
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छात्रों को मिल रहा निशुल्क मार्गदर्शन
कानपुर देहात के अकबरपुर में इस योजना का लाभ ले रहे छात्रों ने अपने अनुभव साझा किए. अर्पित पांडे नाम के छात्र ने बताया कि उन्हें इस योजना के बारे में इंटरनेट और विज्ञापनों से पता चला था. उन्होंने बताया कि इस योजना के तहत उन्हें अच्छे शिक्षकों से पढ़ने का मौका और बेहतरीन माहौल मिल रहा है. छात्र अभिषेक ने भी बताया कि उन्हें सोशल मीडिया और दोस्तों से इसकी जानकारी मिली थी. उनका कहना है कि योजना से मिली गाइडेंस से उनके ज्ञान में काफी बढ़ोतरी हुई है और उन्हें महंगी कोचिंग के लिए अब कानपुर शहर नहीं जाना पड़ता.
समय और पैसे दोनों की बचत
छोटे जिलों के विद्यार्थियों के लिए प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी करना हमेशा से एक बड़ी चुनौती रहा है. कानपुर देहात के छात्रों को पहले अच्छी कोचिंग के लिए 40-45 किलोमीटर दूर कानपुर नगर जाना पड़ता था. इसमें उनका पैसा तो खर्च होता ही था, साथ ही हर दिन आने-जाने में ढाई से तीन घंटे का समय भी बर्बाद होता था. लेकिन अब 'मुख्यमंत्री अभ्युदय योजना' की वजह से जिले के अंदर ही निशुल्क और गुणवत्तापूर्ण कोचिंग मिलने से छात्रों का कीमती समय और परिवार का पैसा दोनों बच रहे हैं.
योजना के बारे में जागरूकता जरूरी
इस योजना का फायदा तभी है जब इसकी जानकारी ज्यादा से ज्यादा जरूरतमंद छात्रों तक पहुंचे. अक्सर सही जानकारी न होने की वजह से कई होनहार छात्र ऐसी सरकारी सुविधाओं से वंचित रह जाते हैं. छात्रों का मानना है कि छोटे शहरों और ग्रामीण इलाकों में इंटरनेट, विज्ञापनों और शिक्षण संस्थानों के जरिए इस योजना के प्रति जागरूकता बढ़ाई जानी चाहिए. मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ का उद्देश्य भी यही है कि आर्थिक रूप से कमजोर, लेकिन प्रतिभाशाली युवा अपनी मेहनत से सरकारी नौकरियों और अन्य क्षेत्रों में अपना एक बेहतर भविष्य बना सकें.
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