मेरठ के किठौर विधानसभा क्षेत्र के अमीनाबाद गांव में मतदाता सूची से नाम काटने को लेकर एक बड़ा विवाद सामने आया है. ग्रामीणों का आरोप है कि गांव के लगभग 200 जीवित और स्थानीय लोगों के नाम काटने के लिए 'फॉर्म-7' भर दिए गए हैं. आपको बता दें कि मतदाता सूची से उन लोगों के नाम हटाने के लिए 'फॉर्म-7' भरा जाता है जो या तो मर चुके हैं या उस स्थान पर नहीं रहते. अमीनाबाद के ग्रामीणों का दावा है कि उनके गांव में ऐसे 200 लोगों के नाम काटने के आवेदन दिए गए हैं जो वहीं रह रहे हैं और जीवित हैं. ग्रामीणों ने भाजपा के जिला महामंत्री मनवीर पर आरोप लगाया है कि उन्होंने बिना किसी सत्यापन के इन फॉर्मों को भरा है. ग्रामीणों का कहना है कि सभी 200 फॉर्मों पर एक ही मोबाइल नंबर और एक जैसे हस्ताक्षर हैं.
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एक ग्रामीण अयाज अली ने बताया कि जब वह मनवीर के पास गया, तो उसे जवाब मिला कि 'तू जिंदा है? तू तो मर गया.' जबकि वह व्यक्ति खुद पुताई का काम करता है और रोजाना गांव में ही रहता है. कई ग्रामीणों के भाई या परिजन जो मुजफ्फरनगर या आसपास नौकरी करते हैं और नियमित गांव आते हैं, उन्हें भी 'गांव छोड़ चुका' दिखाकर नाम काटने की कोशिश की गई है. पूर्व प्रधान तालिब चौधरी ने बताया कि उन्होंने स्कूल में बीएलओ (BLO) के पास ये फॉर्म रखे देखे थे, जिसके बाद उन्होंने ग्रामीणों को जागरूक किया. उन्होंने आरोप लगाया कि बीएलओ पर भी नाम काटने का दबाव बनाया जा रहा है. ग्रामीणों का कहना है कि यह एक ही धर्म और समुदाय विशेष के लोगों के वोट काटने की सोची-समझी साजिश है.
ग्रामीणों ने अभी आधिकारिक रूप से जिलाधिकारी (DM) से शिकायत नहीं की है, लेकिन वे जल्द ही इस मामले को लेकर उच्च अधिकारियों के पास जाने की तैयारी कर रहे हैं.
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