इच्छा मृत्यु (पैसिव यूथेनेशिया) के ऐतिहासिक कानूनी फैसले के बाद अंतिम सांस लेने वाले हरीश राणा के परिवार के साथ उत्तर प्रदेश सरकार मजबूती से खड़ी नजर आ रही है. मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के विशेष निर्देश पर जिले के आला अधिकारियों ने हरीश के घर पहुंचकर परिवार को ढांढस बंधाया और आर्थिक मदद की घोषणा की.
ADVERTISEMENT
सीएम योगी का धन्यवाद: पिता अशोक राणा बोले- सरकार ने दिया सहारा
यूपी तक से एक्सक्लूसिव बातचीत में हरीश के पिता अशोक राणा ने मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के प्रति अपनी कृतज्ञता व्यक्त की. उन्होंने बताया कि मुख्यमंत्री के आदेश पर जिलाधिकारी (DM), जीडीए वीसी और कमिश्नर उनके निवास पर पहुंचे. भावुक होते हुए अशोक राणा ने कहा, "हम उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री माननीय आदित्यनाथ योगी जी का हृदय से आभार व्यक्त करते हैं. उन्होंने अधिकारियों को हमारे पास भेजा और सरकार की ओर से 10 लाख रुपये की सहायता राशि देने की बात कही है."
13 साल का लंबा संघर्ष और सुप्रीम कोर्ट का फैसला
उल्लेखनीय है कि चंडीगढ़ यूनिवर्सिटी में सिविल इंजीनियरिंग की पढ़ाई कर रहे हरीश राणा की जिंदगी 20 अगस्त 2013 को एक दर्दनाक हादसे ने बदल दी थी. पीजी की चौथी मंजिल से गिरने के कारण उनके सिर में गंभीर चोट आई थी, जिसके बाद वे 'परमानेंट वेजिटेटिव स्टेट' में चले गए थे. पिता ने 13 वर्षों तक अपने बेटे की सांसें बचाए रखने के लिए हर संभव कोशिश की. अंततः, सुधार की कोई गुंजाइश न देखते हुए सुप्रीम कोर्ट ने 11 मार्च 2026 को ऐतिहासिक फैसला सुनाते हुए उन्हें इच्छा मृत्यु की अनुमति दी थी.
ADVERTISEMENT









