उत्तर प्रदेश के लाखों शिक्षामित्रों का बढ़ा मानदेय, अब खाते में आएगी 18000 सैलरी

उत्तर प्रदेश की योगी सरकार ने शिक्षामित्रों का मानदेय 10000 से बढ़ाकर 18000 कर दिया है. 9 साल के लंबे इंतजार के बाद कैबिनेट ने इस ऐतिहासिक फैसले पर मुहर लगा दी है.

यूपी तक

• 04:13 PM • 09 Apr 2026

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उत्तर प्रदेश के प्राथमिक विद्यालयों में अपनी सेवा दे रहे लाखों शिक्षामित्रों के लिए खुशखबरी है. मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की अध्यक्षता में हुई कैबिनेट बैठक में शिक्षामित्रों का मानदेय 10000 से बढ़ाकर सीधे 18000 करने के प्रस्ताव को मंजूरी दे दी गई है. करीब 9 वर्षों के लंबे इंतजार के बाद मानदेय को लगभग दोगुना कर सरकार ने शिक्षामित्रों की वित्तीय स्थिति को मजबूती प्रदान की है.

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9 साल का लंबा इंतजार हुआ खत्म

शिक्षामित्र पिछले कई वर्षों से महंगाई के अनुपात में मानदेय बढ़ाने की मांग कर रहे थे. अब तक मिल रहे ₹10,000 के मानदेय में घर चलाना उनके लिए एक बड़ी चुनौती बना हुआ था. सरकार के इस फैसले से न केवल उनकी आर्थिक तंगी दूर होगी, बल्कि उनके जीवन स्तर में भी सुधार आएगा. शिक्षामित्रों ने इस पहल को 'संजीवनी बूटी' करार देते हुए सरकार का आभार जताया है.

मानदेय के साथ अन्य सुविधाओं की भी उम्मीद

इस बड़ी सौगात का स्वागत करते हुए शिक्षामित्र संघों ने सरकार से कुछ और महत्वपूर्ण मांगें भी रखी हैं. शिक्षामित्रों का कहना है कि उन्हें मेडिकल लीव (Medical Leave) और चाइल्ड केयर लीव (CCL) जैसी सुविधाएं भी प्रदान की जाएं. साथ ही, वे एक स्पष्ट 'सेवा नियमावली' की मांग कर रहे हैं ताकि उनकी नौकरी सुरक्षित और भविष्य सम्मानजनक बना रहे.

शिक्षा की गुणवत्ता में आएगा सुधार

शिक्षामित्रों का मानना है कि इस प्रोत्साहन से उनका मनोबल काफी बढ़ा है. उन्होंने भरोसा दिलाया है कि अब वे पूरी निष्ठा और दोगुनी ऊर्जा के साथ बच्चों के भविष्य को संवारने में जुटेंगे. सरकार के इस कदम को शिक्षा जगत में एक सकारात्मक बदलाव के रूप में देखा जा रहा है, जिससे प्रदेश के प्राथमिक स्कूलों में शिक्षण कार्य और अधिक प्रभावी होगा.