वाराणसी के दालमंडी में सड़क चौड़ीकरण के तहत बुलडोजर कार्रवाई हुई, जिसमें कुछ दुकानों और मकानों को तोड़ा गया. कुछ लोगों ने अपने मकानों में आग लगा दी, जिसे पुलिस ने फौरन बुझा दिया. आरोपियों को हिरासत में लिया गया है. प्रशासन का कहना है कि ये मकान जर्जर थे और सुरक्षा कारणों से कार्रवाई जरूरी थी, जबकि पीड़ित पक्ष कोर्ट का स्टे लेकर विरोध कर रहे हैं. सुप्रीम कोर्ट की पंद्रह दिन की मोहलत के बावजूद बिना नोटिस कार्रवाई हुई. विवाद के चलते स्थानीय लोग मुआवजे की मांग कर रहे हैं.
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लोगों ने किया खूब विरोध
विश्वनाथ धाम के लिए वैकल्पिक मार्ग के तौर पर मुस्लिम बहुल दालमंडी के चौड़ीकरण में अब तक की सबसे बड़ी ध्वस्तीकरण की कार्रवाई आज शुरू हो गई है. आज वाराणसी पुलिस प्रशासन भारी संख्या में पूरे दलबल के साथ उन 21 भवनों के ध्वस्तीकरण को शुरू कर दिया है ,जो नगर निगम की ओर से जर्जर घोषित कर दिए गए हैं.
आज कार्रवाई शुरू होने के पहले ही मौके पर मौजूद पुलिस प्रशासन की टीम को भवन स्वामियों की ओर से जबरदस्त विरोध का सामना करना पड़ा. इस बीच पुलिस प्रशासन की भवन स्वामियों से जमकर धक्का मुक्की भी हुई, लेकिन भवन स्वामियों की एक भी ना सुनी गई. वही एक भवन स्वामी ने तो ध्वस्तीकरण के विरोध में अपने मकान को ही जलाने की कोशिश की, लेकिन मौके पर मौजूद टीम में वक्त रहते आग पर काबू पा लिया.
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