सोनभद्र जिले की दुद्धी (Duddhi) विधानसभा सीट एक बार फिर चर्चा में है. आठ बार के विधायक रहे विजय सिंह गोंड के निधन के बाद यह सीट खाली हो गई है. अब सवाल यह है कि क्या 2027 के मुख्य चुनाव से पहले यहाँ उपचुनाव होगा और क्या समाजवादी पार्टी (सपा) अपनी जीत बरकरार रख पाएगी? आपको बता दें कि विजय सिंह गोंड इस क्षेत्र के कद्दावर नेता थे. वे अलग-अलग समय पर सपा, बसपा और भाजपा में भी रहे, लेकिन दुद्धी की जनता का उन पर अटूट भरोसा रहा. 2024 के उपचुनाव में वे सपा के टिकट पर आठवीं बार विधायक बने थे.
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क्या मिलेगी सहानुभूति लहर?
सपा का मानना है कि विजय सिंह गोंड के निधन के बाद उनके परिवार के प्रति क्षेत्र में गहरी सहानुभूति है. सपा उनके बेटे नीरज सिंह को चुनावी मैदान में उतार सकती है. स्थानीय पत्रकारों के अनुसार भी, जनता में विजय सिंह के वंशज को समर्थन देने की बात चल रही है ताकि दिवंगत नेता की आत्मा को शांति मिल सके.
भाजपा की चुनौती
भाजपा नेता श्रवण कुमार सिंह, जो पिछले उपचुनाव में विजय सिंह गोंड से हार गए थे, लगातार क्षेत्र में सक्रिय हैं. उनका कहना है कि पिछली बार विजय सिंह गोंड ने "आखिरी चुनाव" के नाम पर वोट मांगा था, जिससे सहानुभूति पैदा हुई, लेकिन इस बार भाजपा सरकारी योजनाओं और अपने जमीनी काम के दम पर जीतेगी.
त्रिकोणीय मुकाबले के आसार
चुनाव केवल सपा और भाजपा के बीच नहीं रहेगा. बसपा के संभावित प्रत्याशी भी पिछले दो सालों से जमीन पर मेहनत कर रहे हैं. इसके अलावा, पूर्व विधायक हरिराम चेरो (जो 2017 में अपना दल से जीते थे) के भी निर्दलीय या किसी अन्य दल से मैदान में आने की चर्चा है, जिससे मुकाबला त्रिकोणीय या चतुष्कोणीय हो सकता है.
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