SIR और वोटर लिस्ट विवाद में CJP की एंट्री, बोले- '48 घंटे में इस्तीफा दें ज्ञानेश कुमार'

यूपी तक

• 07:07 PM • 24 Sep 2026

कॉकक्रोच जनता पार्टी (CJP) ने एक प्रेस कॉन्फ्रेंस में मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार पर देश में लोकतंत्र को खतरे में डालने और चुनावों में धांधली करने के गंभीर आरोप लगाए हैं. CJP के प्रवक्ता ने ज्ञानेश कुमार को 'देश का सबसे बड़ा गद्दार' और 'एंटी-नेशनल' करार देते हुए उन पर 13 करोड़ से अधिक वोट डिलीट करने का आरोप लगाया है.

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कॉकक्रोच जनता पार्टी (CJP) ने एक प्रेस कॉन्फ्रेंस में मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार पर देश में लोकतंत्र को खतरे में डालने और चुनावों में धांधली करने के गंभीर आरोप लगाए हैं. CJP के प्रवक्ता ने ज्ञानेश कुमार को 'देश का सबसे बड़ा गद्दार' और 'एंटी-नेशनल' करार देते हुए उन पर 13 करोड़ से अधिक वोट डिलीट करने का आरोप लगाया है. प्रवक्ता ने कहा कि ज्ञानेश कुमार के रहते देश में स्वतंत्र और निष्पक्ष चुनाव संभव नहीं हैं, इसलिए उन्हें तुरंत अपने पद से इस्तीफा दे देना चाहिए. CJP ने चेतावनी दी है कि यदि 48 घंटे के भीतर ज्ञानेश कुमार इस्तीफा नहीं देते हैं, तो पार्टी दिल्ली सहित पूरे देश में बड़े पैमाने पर आंदोलन शुरू करेगी.

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'ज्ञानेश कुमार हैं बीजेपी की जीत के असली हीरो'

CJP का आरोप है कि बीजेपी नरेंद्र मोदी के चेहरे पर नहीं, बल्कि ज्ञानेश कुमार की वजह से चुनाव जीत रही है. प्रवक्ता ने कहा, "ज्ञानेश कुमार की बीजेपी के लिए इतनी असाधारण परफॉर्मेंस है कि उन्हें आधिकारिक तौर पर बीजेपी में शामिल हो जाना चाहिए." उन्होंने आरोप लगाया कि जब 2024 के लोकसभा चुनाव में बीजेपी को बहुमत नहीं मिला और 400 पार का नारा फेल हो गया, तब से ज्ञानेश कुमार ने जानबूझकर विपक्षी दलों और उनके मजबूत नेताओं को कमजोर करने का काम किया है. CJP का दावा है कि पश्चिम बंगाल, दिल्ली, तमिलनाडु और केरल जैसे राज्यों में क्षेत्रीय नेताओं को हराने के लिए जानबूझकर वोट डिलीट किए गए.

13 करोड़ वोट डिलीट करने का लगाया आरोप

CJP के मुताबिक, ज्ञानेश कुमार के मुख्य चुनाव आयुक्त बनने के बाद से देश भर में 13 करोड़ से ज्यादा वोट डिलीट किए गए हैं. प्रवक्ता ने राज्यवार आंकड़े पेश करते हुए बताया कि महाराष्ट्र और उत्तर प्रदेश में 2-2 करोड़, बंगाल में 90 लाख, दिल्ली में 47 लाख, केरल में 24 लाख, तमिलनाडु में 97 लाख, कर्नाटक में 1 करोड़ और तेलंगाना में 73 लाख वोट हटाए गए हैं. CJP का कहना है कि यह 13-14 प्रतिशत वोट डिलीट करने का खेल इसलिए किया गया ताकि एनडीए और विपक्ष के बीच का 2 प्रतिशत का फासला बढ़ाया जा सके और बीजेपी सत्ता से बाहर न जाए.

CJP ने सरकार के सामने रखीं 3 प्रमुख मांगें

इस प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान CJP ने अपनी तीन प्रमुख मांगें भी सामने रखी हैं.

इस्तीफा और आपराधिक जांच: ज्ञानेश कुमार तुरंत इस्तीफा दें, उनके खिलाफ आपराधिक जांच शुरू की जाए और यह बताया जाए कि उन्हें ये आदेश कौन दे रहा था.

चुनावों पर रोक और जांच आयोग: सभी आगामी चुनावों पर रोक लगाई जाए, 2025 की वोटर लिस्ट को फ्रीज किया जाए और एक स्वतंत्र जांच आयोग का गठन किया जाए. साथ ही, सुप्रीम कोर्ट को आदेश देना चाहिए कि वो चुनाव आयोग की अहम फाइलों को जब्त कर ले, ताकि वे नष्ट न की जा सकें.

चुनाव आयुक्त नियुक्ति कानून रद्द हो: 2023 का चुनाव आयुक्त नियुक्ति कानून रद्द किया जाए और एक नया कानून बनाया जाए, जिसमें सिविल सोसाइटी के सदस्यों की सक्रिय भागीदारी हो, ताकि जनता का विश्वास फिर से कायम हो सके.

CJP ने सभी राजनीतिक दलों से भी अपील की है कि अगर उन्हें लगता है कि चुनावों में धांधली हो रही है, तो वे इसका विरोध करें और सिर्फ चुनाव लड़ने तक सीमित न रहें.