बहराइच: कबाड़ में मिलीं हजारों सरकारी किताबें, शिक्षा विभाग में हड़कंप

Bahraich Govt Books Scam: बहराइच में बच्चों के भविष्य से खिलवाड़! हजारों नई सरकारी किताबें कबाड़ में बिकने पहुंचीं. जांच में 15 हजार से ज्यादा किताबें कम मिलीं, जिसके बाद कई अधिकारियों पर गाज गिरी है. देखिए पूरी रिपोर्ट.

यूपी तक

• 12:57 PM • 24 Feb 2026

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बहराइच में एक बेहद चौंकाने वाला मामला सामने आया है, जहां सरकारी स्कूलों के बच्चों को मुफ्त दी जाने वाली हजारों नई किताबें कबाड़ी की दुकान पर रद्दी के भाव बिकती मिलीं. इस घटना ने शिक्षा विभाग की पूरी व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं. बहराइच के थाना रामगांव इलाके में आरटीओ रोड पर स्थित एक कबाड़ी की दुकान पर एक ट्रक पकड़ा गया, जिसमें उत्तर प्रदेश बेसिक शिक्षा परिषद की साल 2025-26 और 2026-27 सत्र की नई किताबें लदी हुई थीं. ये किताबें कक्षा 4, 5 और 11 की थीं और इन्हें कबाड़ के रूप में उत्तराखंड के काशीपुर भेजा जा रहा था. पुलिस ने 17 फरवरी 2026 को ट्रक कब्जे में लिया और जांच शुरू की, जबकि कबाड़ी दुकानदार मौके से फरार हो गया. 

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शुरुआत में शिक्षा विभाग ने दावा किया कि उनका स्टॉक पूरा है, लेकिन जिला प्रशासन की 5 सदस्यीय कमेटी की जांच में खुलासा हुआ कि 15,595 किताबें कम हैं. लापरवाही बरतने के आरोप में अनुचर आलोक कुमार और शरीफ अहमद को सस्पेंड कर दिया गया. वहीं, अतुल कुमार सिंह (अनुदेशक), आशुतोष कुमार (जिला समन्वय) और दीपक कुमार (स्पेशल एजुकेटर) को नौकरी से हटा दिया गया है. प्रभारी सहायक वित्त एवं लेखाधिकारी वीरेश वर्मा, खंड शिक्षा अधिकारी रंजीत कुमार और डोली मिश्रा को नोटिस जारी कर विभागीय कार्रवाई की सिफारिश की गई है.

अब जिन अधिकारियों पर कार्रवाई हुई है, उन्होंने बीएसए (BSA) पर गंभीर आरोप लगाए हैं. उनका कहना है कि जिस '8 सदस्यीय उत्तरदायी कमेटी' का हवाला देकर उन्हें फंसाया गया है, वह कभी बनी ही नहीं थी. अधिकारियों का दावा है कि बीएसए ने अपनी गर्दन बचाने के लिए बैक डेट (पिछली तारीख) में फर्जी कमेटी बनाकर उनके नाम जोड़ दिए. उन्हें इस कमेटी का सदस्य होने की जानकारी केवल सोशल मीडिया के जरिए मिली. अधिकारियों ने मांग की है कि इस पूरे मामले की निष्पक्ष जांच होनी चाहिए क्योंकि उन्हें बलि का बकरा बनाया जा रहा है.