असम के मुख्यमंत्री हिमंता बिस्वा सरमा का एक वीडियो सोशल मीडिया पर चर्चा का विषय बना हुआ है, जिसमें वे 'द लल्लनटॉप' के पत्रकार सिद्धांत मोहन के साथ बहस करते दिख रहे हैं. वीडियो में भाषा की मर्यादा को लेकर सवाल पूछे जाने पर मुख्यमंत्री तीखी प्रतिक्रिया दी. इस घटनाक्रम पर तंज कसते हुए सपा प्रमुख अखिलेश यादव ने अपने एक्स (X) हैंडल पर लिखा, "उल्टा चोर कोतवाल को डांटे, भाजपाई जब दें किसी को भाषा ज्ञान, तो समझो उलट गया है आज आसमान."
ADVERTISEMENT
क्या था पूरा विवाद?
दरअसल, यह घटना मुख्यमंत्री की विधानसभा के पास की है, जहां वे पत्रकारों से बातचीत कर रहे थे. पत्रकार मोहन ने उनसे सवाल किया कि क्या उन्हें लगता है कि चुनाव अभियान के दौरान उनकी भाषा असंसदीय हुई है? उन्होंने सीएम द्वारा इस्तेमाल किए गए कुछ कड़े शब्दों का हवाला दिया. इस सवाल पर हिमंता बिस्वा सरमा भड़क गए और पत्रकार की ही भाषा पर सवाल उठाने लगे.
वीडियो में हुई तीखी बहस
वीडियो में मुख्यमंत्री को यह कहते सुना जा सकता है कि उनकी भाषा पत्रकार के संस्थान से हमेशा बेहतर होती है. इसके जवाब में पत्रकार ने कहा कि उन्हें अपनी भाषा के लिए किसी नेता से सर्टिफिकेट नहीं चाहिए. विवाद तब और बढ़ गया जब मुख्यमंत्री ने कहा, "आपने मुझसे अपॉइंटमेंट लिया है? मैंने आपको प्रेस वार्ता में नहीं बुलाया है, आप क्यों सवाल पूछ रहे हैं?" जवाब में पत्रकार ने स्पष्ट किया कि वे केवल एक मुख्यमंत्री के तौर पर उनकी भाषा की मर्यादा पर सवाल पूछ रहे हैं.
विपक्ष के निशाने पर मुख्यमंत्री
हिमंता बिस्वा सरमा के इस व्यवहार की विपक्षी दलों ने कड़ी निंदा की है. अखिलेश यादव सहित कई नेताओं ने इसे सत्ता का अहंकार करार दिया है. अखिलेश यादव ने इशारों-इशारों में भाजपा पर निशाना साधते हुए कहा कि जब भाजपा के नेता दूसरों को भाषा का ज्ञान देते हैं, तो यह विडंबना जैसा लगता है. सोशल मीडिया पर लोग इस बात को लेकर बंटे हुए हैं कि एक सार्वजनिक पद पर बैठे व्यक्ति को प्रेस के सवालों का सामना किस तरह करना चाहिए.
ADVERTISEMENT









