राहुल गांधी से मुलाकात के बाद आजम खान की पत्नी से मिले स्वामी प्रसाद मौर्य, योगी सरकार को लेकर कही बड़ा बात

यूपी तक

• 01:46 PM • 05 Oct 2026

Swami Prasad Maurya: राहुल गांधी से मुलाकात के बाद स्वामी प्रसाद मौर्य रामपुर पहुंचे और आजम खान की पत्नी डॉ. तंजीम फातिमा से मुलाकात की है. इस मुलाकात के बाद पश्चिमी यूपी में नए सियासी समीकरणों को लेकर चर्चा तेज हो गई है.

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Swami Prasad Maurya: उत्तर प्रदेश में चुनावी माहौल के बीच नेताओं की मुलाकातों का दौर शुरू हो गया है. पूर्व मंत्री स्वामी प्रसाद मौर्य ने पहले कांग्रेस नेता राहुल गांधी से मुलाकात की और फिर सीधे रामपुर पहुंचकर आजम खान की पत्नी डॉ. तंजीम फातिमा से मिले. इन मुलाकातों ने यूपी की राजनीति में नई हलचल पैदा कर दी है और चुनाव से पहले नए राजनीतिक समीकरणों की चर्चा काफी तेज हो गई है.

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आजम खान के घर पहुंचे मौर्य

समाजवादी पार्टी से अलग होकर अपनी नई पार्टी बनाने वाले स्वामी प्रसाद मौर्य अचानक रामपुर पहुंचे. यहां उन्होंने आजम खान की पत्नी डॉ. तंजीम फातिमा से उनके घर पर जाकर मुलाकात की. मौर्य ने कहा कि वह सिर्फ आजम खान और उनके बेटे अब्दुल्ला आजम का हालचाल जानने के लिए आए थे. उन्होंने साफ किया कि इस मुलाकात का कोई राजनीतिक मतलब नहीं है और वह इस मुश्किल समय में उनके परिवार के साथ पूरी तरह खड़े हैं.

योगी सरकार पर साधा कड़ा निशाना

परिवार से मुलाकात के बाद मीडिया से बातचीत करते हुए स्वामी प्रसाद मौर्य ने योगी सरकार पर जमकर हमला बोला. उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार बदले की भावना से काम कर रही है और आजम खान जैसे वरिष्ठ नेता से पुरानी दुश्मनी निकाल रही है. मौर्य ने कहा कि छोटे-छोटे मुकदमों में आजम खान को लंबे समय तक जेल में रखना सरकार की तानाशाही को दिखाता है. उन्होंने भाजपा सरकार के इस रवैये की कड़ी निंदा करते हुए इसे लोकतंत्र के खिलाफ बताया.

पश्चिमी यूपी में नए सियासी समीकरण

भले ही मौर्य इस मुलाकात को गैर-राजनीतिक बता रहे हों, लेकिन सियासत में इसके कई अहम मायने निकाले जा रहे हैं. कुछ दिन पहले ही डॉ. तंजीम फातिमा ने लखनऊ जाकर अखिलेश यादव से भी मुलाकात की थी. राजनीतिक गलियारों में चर्चा है कि उन्होंने पश्चिमी यूपी की करीब 15 सीटों पर टिकट बंटवारे में आजम खान की राय को तरजीह देने की मांग की है. ऐसे में राहुल गांधी और फिर आजम खान के परिवार से मौर्य की मुलाकात पश्चिमी यूपी में किसी बड़े सियासी बदलाव की तरफ इशारा कर रही है.