Jantar Mantar Viral Video: सोशल मीडिया पर एक वीडियो तेजी से वायरल हो रहा है, जिसमें दावा किया जा रहा है कि जंतर-मंतर पर आयोजित एक सभा के दौरान दो ब्राह्मण पत्रकार आपस में ही भिड़ गए. यह वीडियो जंतर-मंतर पर आयोजित एक सभा से जुड़ा बताया जा रहा है और इंटरनेट पर इसे लेकर जमकर बहस छिड़ गई है. कुछ लोग इसे जातिगत एंगल से जोड़ रहे हैं, तो कुछ इसे यूजीसी से जुड़े आंदोलन के दौरान पैदा हुए तनाव का नतीजा बता रहे हैं. वीडियो सामने आने के बाद ऑनलाइन प्लेटफॉर्म्स पर तीखी प्रतिक्रियाएं देखने को मिल रही हैं.
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क्या है पूरा मामला?
बताया जा रहा है कि 11 तारीख को दिल्ली के जंतर-मंतर पर भीम आर्मी द्वारा एक महा आंदोलन का आयोजन किया गया था. इस सभा में संगठन के प्रमुख चंद्रशेखर आजाद ने यूजीसी से जुड़े मुद्दे पर अपना पक्ष रखा. कार्यक्रम में बड़ी संख्या में समर्थक, कार्यकर्ता, यूट्यूबर्स और विभिन्न मीडिया संस्थानों के पत्रकार मौजूद थे.
इसी दौरान भीड़ के बीच मौजूद कुछ पत्रकार सवाल पूछ रहे थे. वायरल वीडियो में देखा जा सकता है कि दो ब्राह्मण पत्रकार आपस में ही भिड़ गए, जिसके बाद आसपास खड़ी भीड़ के कुछ लोग भी बहस में शामिल हो गए. देखते ही देखते यह तीखी नोकझोंक धक्का-मुक्की में बदल गई. हालांकि, कुछ अन्य वीडियो भी सामने आए हैं, जिनमें अलग-अलग पक्ष अपनी-अपनी बात रखते नजर आ रहे हैं और पूरे घटनाक्रम को अलग नजरिए से पेश कर रहे हैं.
सोशल मीडिया पर अलग-अलग दावे
वीडियो वायरल होते ही सोशल मीडिया पर कई तरह की प्रतिक्रियाएं सामने आईं. कुछ पोस्ट्स में दावा किया गया कि पत्रकारों पर जातिगत टिप्पणी की गई, जबकि अन्य पोस्ट्स में आरोप लगाया गया कि सवाल पूछने पर भीड़ ने आक्रामक रुख अपनाया. हालांकि, इन दावों की स्वतंत्र रूप से पुष्टि नहीं हुई है. फिलहाल यह स्पष्ट नहीं है कि झड़प की शुरुआत किस वजह से हुई और वास्तविक घटनाक्रम क्या था.
कार्यक्रम के दौरान मची अफरा-तफरी
प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक, जब मंच से संबोधन चल रहा था उसी समय पीछे की ओर भीड़ और कुछ पत्रकारों के बीच कहासुनी शुरू हो गई. स्थिति बिगड़ने पर कथित तौर पर धक्का-मुक्की हुई. आयोजन से जुड़े कुछ पदाधिकारी लोगों को शांत कराने और भीड़ को नियंत्रित करने की कोशिश करते दिखाई दिए लेकिन माहौल कुछ समय के लिए तनावपूर्ण बना रहा.
प्रशासन की चुप्पी, जांच की मांग
फिलहाल इस मामले में पुलिस या प्रशासन की ओर से कोई आधिकारिक बयान सामने नहीं आया है. सोशल मीडिया पर वायरल वीडियो के आधार पर कई तरह के दावे किए जा रहे हैं लेकिन वास्तविक स्थिति की पुष्टि जांच के बाद ही हो सकेगी.
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