Story of Aparna Yadav: उत्तर प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री और समाजवादी पार्टी के संरक्षक रहे मुलायम सिंह यादव के परिवार से जुड़ी एक बड़ी खबर सामने आई है. दरअसल उनके बेटे प्रतीक यादव के आधिकारिक इंस्टाग्राम अकाउंट से एक पोस्ट सामने आया है जिसमें अपर्णा यादव के साथ तलाक की बात कही गई है.इस पोस्ट के सामने आते ही राजनीतिक और सामाजिक हलकों में चर्चा तेज हो गई है. खासतौर पर अपर्णा यादव को लेकर एक बार फिर से कई तरह की बातें हो रही हैं.
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कौन हैं अपर्णा यादव?
अपर्णा यादव मुलायम सिंह यादव और साधना गुप्ता के बेटे प्रतीक यादव की पत्नी हैं. इस नाते वह मुलायम सिंह यादव की दूसरी बहू हैं.अपर्णा का जन्म पत्रकार अरविंद सिंह बिष्ट और लखनऊ नगर निगम में अधिकारी रही अंबी बिष्ट के परिवार में हुआ. उनका जन्म 5 फरवरी 1990 को हुआ था. समाजवादी पार्टी की सरकार के दौरान उनके पिता को सूचना आयुक्त बनाया गया था. अपर्णा यादव की शुरुआती शिक्षा लखनऊ के लोरेटो कॉन्वेंट इंटरमीडिएट कॉलेज से हुई.स्कूल के दिनों में ही उनकी दोस्ती प्रतीक यादव से हुई थी.
मैनचेस्टर यूनिवर्सिटी से की है पढ़ाई
मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक महज 12 साल की उम्र में प्रतीक यादव ने उन्हें ईमेल के जरिए प्रपोज किया था. स्कूली पढ़ाई के बाद अपर्णा यादव ने उच्च शिक्षा के लिए ब्रिटेन का रुख किया और मैनचेस्टर विश्वविद्यालय से इंटरनेशनल रिलेशन और पॉलिटिक्स में मास्टर डिग्री हासिल की. शिक्षा के साथ-साथ अपर्णा यादव का रुझान संगीत की ओर भी रहा है. उन्होंने भातखंडे संगीत विश्वविद्यालय से 9 वर्षों तक शास्त्रीय संगीत की प्रोफेशनल ट्रेनिंग ली है. वो ठुमरी शैली में पारंगत मानी जाती हैं और उनके शास्त्रीय गायक के तौर पर कई मौकों पर सराहना भी हुई है.अपर्णा यादव प्रतीक यादव की सगाई साल 2011 में हुई थी. इसी साल दिसंबर महीने में दोनों की शादी मुलायम सिंह यादव के पैतृक गांव सैफई में हुई. मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक ये शादी काफी ज्यादा चर्चा में रही और इसमें अमिताभ बच्चन जैसे सुपरस्टार भी शामिल हुए थे. इस शादी से उनकी एक बेटी भी है.
राजनीतिक रूप से अपर्णा यादव का सफर भी लगातार चर्चाओं में रहा है. मुलायम सिंह यादव की बहू होने के बावजूद वह कई बार भाजपा की नीतियों और नेताओं की तारीफ करती नजर आई. साल 2014 में उन्होंने स्वच्छ भारत अभियान को लेकर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की प्रशंसा की थी.इसके बाद साल 2017 में उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की सरकार प्रदेश में अच्छा काम कर रही है. मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक इन्हीं बयानों के बाद 2022 के उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव से पहले उन्होंने समाजवादी पार्टी छोड़कर भारतीय जनता पार्टी का दामन थाम लिया. राम मंदिर की प्राण प्रतिष्ठा को लेकर भी वह भाजपा की तारीफ करती दिखाई दीं. अब प्रतीक यादव के सोशल मीडिया पोस्ट के बाद अपर्णा यादव एक बार फिर से सुर्खियों में हैं.
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