कोडीन कफ सिरप केस में विकास सिंह नरवे अरेस्ट, कौन है ये शख्स, इसके बारे में क्या क्या पता चला?

संतोष शर्मा

27 Jan 2026 (अपडेटेड: 27 Jan 2026, 12:48 PM)

Who is Vikas Singh Narve: यूपी एसटीएफ और वाराणसी पुलिस को लंबे समय से विकास सिंह नरवे की तलाश थी. पुलिस ने सिद्धार्थनगर के पास इंडो-नेपाल बॉर्डर से कुख्यात विकास सिंह नरवे को गिरफ्तार किया है. विकास सिंह पर आजमगढ़,जौनपुर और वाराणसी समेत कई जिलों में फर्जी कंपनियां बनाकर नशीली सिरप की सप्लाई करने का आरोप है. विकास सिंह की गिरफ्तारी को नशा तस्करों के खिलाफ बड़ी चोट माना जा रहा है.

Vikas Singh Narve

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Who is Vikas Singh Narve: कोडीन कफ सिरप की तस्करी कर करोड़ों की काली कमाई करने वाले सिंडिकेट का एक और बड़ा मोहरा पुलिस के हत्थे चढ़ गया है. यूपी एसटीएफ और वाराणसी पुलिस को लंबे समय से विकास सिंह नरवे की तलाश थी.पुलिस ने सिद्धार्थनगर के पास इंडो-नेपाल बॉर्डर से कुख्यात विकास सिंह नरवे को गिरफ्तार किया है. विकास सिंह पर आजमगढ़,जौनपुर और वाराणसी समेत कई जिलों में फर्जी कंपनियां बनाकर नशीली सिरप की सप्लाई करने का आरोप है.सामने आई जानकारी के मुताबिक, विकास सिंह नरवे ने ही शुभम जायसवाल की मुलाकात अमित सिंह टाटा और आलोक सिंह जैसे बड़े तस्करों से करवाई थी. 

कौन है विकास सिंह नरवे?

आजमगढ़ के नरवे गांव का रहने वाला विकास सिंह इस तस्करी नेटवर्क का मास्टरमाइंड माना जाता है. पुलिस जांच में सामने आया है कि विकास ही वह कड़ी था जिसने शुभम जायसवाल के धंधे को अमित सिंह टाटा और आलोक सिंह के साथ जोड़कर इसे एक बड़े सिंडिकेट में तब्दील किया.उसने वाराणसी,गाजीपुर,आजमगढ़ और जौनपुर में फर्जी नाम-पते पर कई कागजी कंपनियां खोली थीं जिनके जरिए कोडीन सिरप की सप्लाई की जाती थी.

विकास पर आजमगढ़,जौनपुर और वाराणसी के विभिन्न थानों में कई गंभीर मुकदमे दर्ज हैं. विकास सिंह नरवे काफी समय से पुलिस को चकमा दे रहा था.अमित टाटा और आलोक सिंह की गिरफ्तारी के बाद जब एसटीएफ ने उनसे पूछताछ की तो उन्होंने विकास के नाम का खुलासा किया था. वाराणसी पुलिस की टीम ने सटीक सूचना के आधार पर उसे सिद्धार्थनगर से उस वक्त दबोचा. जब वह नेपाल भागने की फिराक में था.

अमित सिंह टाटा और आलोक सिंह की तरह विकास सिंह नरवे ने भी तस्करी से बेतहाशा दौलत कमाई थी. इस काली कमाई के दम पर वह राजनीति में अपनी पैठ जमाने की कोशिश कर रहा था. जानकारी के मुताबिक वह आगामी पंचायत चुनाव में आजमगढ़ से ब्लॉक प्रमुख बनने की तैयारी कर रहा था और इसके लिए उसने भारी निवेश भी शुरू कर दिया था. विकास सिंह की गिरफ्तारी को नशा तस्करों के खिलाफ बड़ी चोट माना जा रहा है. पुलिस अब उससे पूछताछ कर यह पता लगाने की कोशिश कर रही है कि इस सिंडिकेट के तार नेपाल में और कहां-कहां जुड़े हैं और इसमें कौन-कौन से लोग शामिल हैं.

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